बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने महादलित समुदाय से आह्वान करते हुए कहा कि कि शराब, ताड़ी और बालू पर से प्रतिबंध हटाने वाले को ही वोट दें।
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। जनता के समक्ष लोक लुभावने वायदे भी किए जाने लगे हैं। इसी कड़ी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम प्रमुख जीतन राम मांझी नीतीश सरकार के खिलाफ बड़ा दांव खेला है। मांझी ने महादलित समुदाय से आह्वान करते हुए कहा है कि शराब, ताड़ी और बालू पर से प्रतिबंध हटाने वाले को ही वोट दें।
मांझी सोमवार को गया में अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान वजीगंज प्रखंड के पटेर मंगरावां गांव में महादलित लोगों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी के बाद महादलित समुदाय के गरीब लोग सरकारी अत्याचार और उत्पीड़न के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।ग्रामीणों ने मांझी से शिकायत करते हुए कहा कि पिछले दिनों पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने शराबबंदी के नाम पर गांव के गरीब लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था, जिसमें कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। घायलों ने अपनी चोटें दिखाकर मांझी को आपबीती सुनाई।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मांझी ने कहा कि बिहार पुलिस इन दिनों माफियाओं को साथ लेकर चल रही है। वहीं महादलितो व दलितों को इंसाफ दिलाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। पुलिस अपना रवैया बदलें अन्यथा आंदोलन चलाया जाएगा। मांझी ने महादलितों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वह और उनकी पार्टी के सभी कार्यकर्ता आंदोलन के लिए भी तैयार हैं।