मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था और सीएम काफिले के प्रोटोकॉल में सोमवार को पटना में एक एंबुलेंस को रास्ते में रोक दिया गया जिस पर बीजेपी नेताओं ने नरेंद्र मोदी की याद दिलाई है।
बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने एक एंबुलेंस को रास्ते में रोक दिया ताकि सीएम का काफिला निकल सके। सीएम के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के लिए गाय घाट पुल पर आम लोगों की गाड़ियों को रोक दिया गया जिसमें मरीज को इमरजेंसी में अस्पताल ले जा रहा एक एंबुलेंस भी शामिल था। इसका वीडियो वायरल हो गया है जिसमें दिख रहा है कि एंबुलेंस में एक महिला मरीज सवार है जिनकी परिजन रो रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जहां रूट लगाने के वीआईपी कल्चर पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है वहीं बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा रोड शो तक के दौरान एंबुलेंस के लिए पीएम का काफिला रोकने की याद दिलाते हुए नीतीश कुमार पर हमला बोला है।
32 सेकेंड के वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुल पर सारी गाड़ियों को किनारे लगाकर रोक दिया गया है ताकि सीएम का काफिला निकल सके। सीएम का रूट लगने के बाद पुलिस जवानों ने तमाम वाहनों को वहीं किनारे लगवा दिया। एंबुलेंस सवार लोगों ने पुलिस से मरीज की हालत की दुहाई भी दी लेकिन प्रोटोकॉल के नाम पर अधिकारियों ने मानवता तक नहीं दिखाई। इससे नाराज लोगों ने वहां से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है जो वायरल हो गया है। वीडियो में सीएम नीतीश कुमार का काफिला काफी तेजी से निकलता दिख रहा है। नीतीश पटना और आस-पास के इलाकों में गंगा किनारे बन रही सड़कों का लगातार निरीक्षण करते रहते हैं जिन्हें पटना को जाम से मुक्ति के लिए बनाया जा रहा है।
घमंडिया गठबंधन के लोगों का सच यही है- अमित मालवीय
वायरल वीडियो को शेयर करते हुए बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट किया है- "प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे नीतीश कुमार की संवेदनहीनता देखिए। उनके क़ाफ़िले की रफ़्तार कम ना पड़े, इसके लिए वो किसी की जान दांव पर लगा सकते हैं। एक तरफ़ जहां मोदी जी ने कई दफ़ा ना सिर्फ़ अपने क़ाफ़िले बल्कि रोड शोज़ तक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवा दिये, नीतीश बाबू ने एंबुलेंस में बिलख रहे परिवार के बारे में तनिक नहीं सोचा। यही भ्रष्ट और संवेदनहीन लोगों के घमंडिया गठबंधन का सच है। शर्मनाक!" बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि नीतीश कुमार 18 साल से सीएम हैं और प्रशासन पर उनके स्वभाव का असर दिखता है। उन्होंने कहा कि नीतीश बिहार में जहां भी जाते हैं वहां प्रशासन के लोग सड़क पर भय का माहौल बना देते हैं।