अनिश्चितकालीन हड़ताल के 18 वें दिन शुक्रवार को किसान सलाहकार ने जिला कृषि कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करते हुए विभागीय स्पष्टीकरण पत्र दहन कार्यक्रम आयोजित कर सरकार और विभाग के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए आक्रोश का इजहार किया।
मौके पर बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमन कुमार ने कहा कि अनिश्चितकालीन हड़ताल अवधि में किसान सलाहकार से स्पष्टीकरण पूछने का कोई औचित्य नहीं है। जबकि हड़ताल की सूचना मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, बिहार सरकार के तमाम वरीय पदाधिकारी, कृषि विभाग और जिला प्रशासन को पूर्व में ही दी गई है। इस पर बिहार सरकार को जवाब देना होगा। सरकार दमनकारी नीति को अपना कर हक की लड़ाई को कमजोर करना चाहते हैं। किसान सलाहकार के लोकतान्त्रिक अधिकार को कुचलना चाहते हैं। अपने हक के लिए आवाज उठाने पर पाबंदी कब से लग गई है।
इन सभी सवालों का जवाब किसान सलाहकार को चाहिए। न्याय व लोकतांत्रिक अधिकार का संदेश देने के लिए 26 जून को पटना में आक्रोश प्रदर्शन व सचिवालय में तालाबंदी कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। कुछ निहित स्वार्थी वरीय पदाधिकारी जिला स्तरीय पदाधिकारी के कंधे पर बंदूक रखकर जिस तरह से किसान सलाहकार के समायोजन के रास्ते पर खड्यंत्र का कुआं खोद रहे है, उसको लेकर सभी को सावधान रहना होगा।
किसान सलाहकार डरने वाले नहीं है। यह लड़ाई किसान सलाहकार के मान-सम्मान व भविष्य से जुड़ा हुआ है। जनसेवक किसान सलाहकार का सेवा अधिकार है। बिना किसी शर्त के जनसेवक में समायोजन होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। कार्यक्रम में जिला सचिव पप्पू कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अशोक कुमार, उमेश प्रसाद मेहता आदि मौजूद थे।