Kosilive Purnia News:
कार्टन में डाल कर झाड़ियों में फेंका नवजात का शव।
पूर्णिया में एक नवजात का व कार्टन में झाड़ियों में फेंका हुआ मिला। जिसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि निजी क्लिनिक में डिलीवरी के दौरान मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई।
अस्पताल वालों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए पहले तो मृत महिला की हालत नाजुक बताते हुए उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर दूसरे अस्पताल गए, इधर क्लिनिक के स्टाफ ने नवजात का शव कार्टन में डालकर झाड़ियों में फेंक दिया।
इसके बाद निजी क्लीनिक का नर्सिंग स्टाफ क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए। ये मामला बनमनखी थाना क्षेत्र के सरस्वती सिनेमा हॉल से लगे निजी क्लिनिक का है।
परिजनों का आरोप है कि बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल में मौजूद आशा पति ने पहले प्रसूता के परिजनों को बातों फंसाया। इसके बाद निजी क्लिनिक ले आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए दैनिक भास्कर से बातचीत में सिविल सर्जन डॉ अभय प्रसाद चौधरी ने जांच के आदेश दिए हैं।
मृतका की पहचान बनमनखी के दमगारा गांव निवासी सुनील दास की 31 वर्षीय पत्नी रानी देवी के रूप में हुई है। महिला की मौत के बाद से निजी क्लिनिक संचालक मंजू देवी मौके से फरार हैं। वहीं निजी क्लीनिक की इस करतूत का पता जैसी ही लोगों को चला। निजी क्लीनिक पर न सिर्फ मृतका के परिजनों का बल्कि आसपास से जुटे लोगों का भी गुबार फूट पड़ा। मौके पर बनमनखी थाने की पुलिस पहुंची। कार्रवाई का आश्वासन दिया फिर जाकर मामला किसी तरह शांत हुआ है।
देवर अनिल दास का आरोप है कि रविवार को प्रसव पीड़ा उठने के बाद प्रसूता को बनमनखी के अनुमंडलीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। काफी समय बीत जाने के बाद भी महिला की डिलेवरी को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया। यहां मौजूद आशा के पति सुरेन्द्र ने अपनी बातों में फंसाकर प्रसूता के घर वालों को अपने भरोसे में लिया। इसके बाद वार्ड 6 स्थित सरस्वती सिनेमा हॉल से लगे निजी क्लिनिक ले आए। यहां प्रसूता की नोर्मल डिलीवरी कराई गई। मगर अनुभव की कमी होने की वजह से प्रसूता को अधिक रक्तस्राव होने लगा। इससे प्रसूता की तबियत लगातार बिगड़ती चली गई। प्रसूता और नवजात दोनों को नहीं बचाया जा सका।
हद तो तब हो गई जब प्रसूता की मौत के बाद नाजुक स्थिति का हवाला देकर प्रसूता को दूसरे हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। परेशान घरवाले प्रसूता को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे। इसी बीच निजी क्लिनिक को संचालित करने वाली नर्स और स्टाफ नेमानवता को शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दिया। कुकर्मों पर पर्दा डालने के लिए नवजात को कोशी कलोनी डायनेज की तरफ कार्टून में डाल झाड़ी में फेंककर भाग निकले।
वहीं मृतका के शव के साथ वापस क्लिनिक पहुंचे तो नवजात का शव न पाकर लोगों ने नवजात की खोजबीन शुरु की। इस दौरान निजी क्लिनिक में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की सूचना पाकर बनमनखी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। अक्रांत परिजनों के गुबार को कम करने के लिए मौके पर पहुंचे एएसआई राहुल कुमार ने नवजात का शव देने को लेकर बरामदगी को लेकर क्लिनिक के कर्मी जन्नत खातून से संपर्क कर क्लिनिक पर बुलाया। जिसके बाद नवजात के शव को झाड़ियों में फेंके जाने की बात से पर्दा उठा। इसके बाद क्लिनिक में जमकर हंगामा हुआ।
निजी क्लिनिक संचालिका सहायिका जीनत खातुन ने बताया कि प्रसूता की नोर्मल डिलेवरी क्लिनिक संचालिका मंजू की देख -रेख में कराया गया। जहां बच्चे मृत पैदा हुआ। प्रसूता की गंभीर स्थिति को देखते हुए इस क्लिनिक से पूर्णिया रेफर किया गया था। इस क्लिनिक में प्रसूता की मौत नहीं हुई है।