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दो चिता पर पांच शव जले, रोया पूरा गांव
खगड़िया। मानसी थाना क्षेत्र के एकनिया गांव में मंगलवार देर रात दो बजे के बाद सनसनीखज वारदात हुई। 45 वर्षीय मुन्ना यादव ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की धारदार हथियार से हत्या कर दी, फिर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। हत्यारोपी द्वारा देर रात की गई सनकी की करतूत ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंचे लोग गमगीन थे। उन्हें युवक मुन्ना के प्रति गुस्सा था। साथ ही उसके छोटे-छोटे मासूम बच्चे और पत्नी के प्रति सोचकर लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे थे।
सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सभी शव मृतकों के घर पर नहीं लाया गया। वहां से सीधे घर के पास स्थित गंडक नदी के किनारे पुलिस अभिरक्षा में ले जाया गया। जहां दो चिताओं पर सभी पांच लाशों का अंतिम संस्कार किया गया। एक चिता पर मुन्ना यादव व उसकी पत्नी तथा दूसरी चिता पर सोनम कुमारी, आंचल कुमारी व रौशनी कुमारी को मुखाग्नि दी गई।
मुखाग्नि मुन्ना यादव के बड़े पुत्र अंकित कुमार ने दी। पांच लोगों की एक साथ मौत की घटना से बुधवार को मानसी थाना क्षेत्र का एकनिया गांव दहल गया। परिजनों की चीख व पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मासूम बच्चे व पत्नी की धारदार हथियार से निर्मम हत्या से लोगों के चेहरे पर गम व गुस्सा साफ दिख रहा था। जिस समय गांव में यह घटना हुई लोग सुबह के डेढ़ बजे गहरी निद्रा में थे। वही मानसी पुलिस भी निकट के खुटिया गांव मेंं छापेमारी कर रही थी। इस वीभत्स घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी नहीं मिल सकी। हालंाकि घटना के बाद दूसरे घर में अपनी जान छिपाकर सहमे मृतक मुन्ना यादव का दोनों पुत्र काफी डरा व सहमा हुआ था। सुबह का पौ फटने के बाद लोगों के बीच घटना की चर्चा होने लगी। चर्चा जोर पकड़ते ही घटनास्थल के पास लोगों की भीड़ जुटने लगी।
दिन में दबिया में बनायी धार और रात में रेता गला: खगड़िया। पत्नी और तीन बेटियों की हत्या करने वाला मुन्ना यादव खुद हत्याकांड का अरोपी था। पुलिस की नजरों में फरार चल रहा था। घर का खर्चा मवेशी का दूध -गोइठा बेचकर उसकी पत्नी चलाती थी।
मुन्ना यादव की पत्नी पति के फरार होने के बाद गो पालन कर बच्चों की परवरिश कर रही थी। मंगलवार को गांव आए मुन्ना यादव ने दिन में दबिया में धार बनाया। गांव की एक महिला ने बताया वह भी कचिया में धार बनाने के लिए लुहार के पास पहुंची थी। उसी दबिया से रात में मुन्ना यादव ने घटना को अंजाम दिया, जिसे पुलिस ने घटनास्थल के पास उत्तर दिशा में चारदीवारी के पास से बरामद किया।
एफएसएल की टीम ने की जांच : घटना के बाद पुलिस ने भागलपुर से एफएसएल की टीम को जांच के लिए बुलाया। भागलपुर से आई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और ब्लड आदि का सैम्पल इकठ्ठा किया। एसएफएल टीम ने माना कि घटना में नजदीक से हथियार का प्रयोग किया गया है। इससे पहले एसपी अमितेश कुमार व उनकी टीम ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया। मुन्ना यादव के दोनों बेटों से पूछताछ की। इधर, लोगों को मामले के उद्भेदन का इंतजार है।
ग्रामीणों ने एसपी को फोन से दी वारदात की सूचना: खगड़िया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना 112 नंबर टॉल फ्री व एसपी को सुबह में पहले दी। इसके बाद स्थानीय थाना से पुलिस की गाड़ी 6:58 बजे घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि पुलिस से पहले दो चौकीदार घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस पहुंचते ही घटनास्थल से लोगों की भीड़ हटाने लगी। वही पंपिंग सेट के फीता से घटना की जांच को लेकर घेराबंदी कर दी।
6:41 बजे घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की शुरू की तहकीकात शुरू: घटनस्थल पर एसपी 6:41 बजे पहुंचे। पहुंचने के साथ सभी मृतकों के शव का निरीक्षण किया। वही मुन्ना यादव का उसके घर के आंगन में रस्सी से लटक रहे शव का जायजा लिया। इसके बाद घटना में अपनी जान बचाने में सफल रहे अंकित कुमार व आदित्य से घटना को लेकर जानकारी ली। वही पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुन्ना के विरुद्ध हत्या का मामला हुआ दर्ज: मृतक मुन्ना यादव के विरुद्ध मानसी थाना में पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। जिसमें बेटी के शादी व पत्नी द्वारा हत्या के मामले आत्मसमर्पण को लेकर दबाव आदि में घटना को अंजाम दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
छह घंटे तक पुलिस छावनी में तब्दील रहा एकनिया गांव : खागड़िया। मानसी थाना क्षेत्र के एकनिया गांव में एक सनकी व्यक्ति द्वारा पत्नी व तीन बेटी की हत्या के बाद स्वयं आत्महत्या कर जान देने के बाद जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। लगभग दिन के 12 बजे तक पुलिस छावनी में एकनिया तब्दील रही। एक साथ पांच मौत की खबर सुनने के बाद लोगों की काफी संख्या में भीड़ जुट गई थी।
ऐसे में पुलिस को शुरुआती दौर में स्थिति नियंत्रित करने में परेशानी हो रही थी, लेकिन इसके बाद लगातार विभिन्न थानों की पुलिस पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। बताया जाता है कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी अमितेश कुमार स्वयं भी घटना स्थल पर पहुंचे। वहीं सदर एसडीपीओ सुमित कुमार, नगर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष संजीव कुमार, मानसी के प्रभारी थानाध्यक्ष सुमन कुमार पांडेय समेत अन्य थानों की काफी संख्या में पुलिस बल तैनात थी। बताया जाता है कि लोग नजदीक जाकर शव देखना चाह रहे थे कि आखिर किस वीभत्स तरीके से हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है।
बच्चों के सिर से एक साथ उठ गया माता व पिता का साया: खगड़िया। मुन्ना यादव व उसकी पत्नी पूजा देवी की हत्या के साथ ही 12 वर्षीय अंकित व 10 वर्षीय आदित्य के सिर से माता व पिता का साया उठ गया। पिता ने घटना में उसकी मां की धारदार हथियार से हत्या कर स्वयं रस्सी से लटककर घर के आंगन में ही खुदकुशी कर ली। अंकित आठवीं कक्षा का व आदित्य पांचवीं कक्षा का छात्र है। माता-पिता के साथ ही तीन बड़ी बहनों की मौत ने उसकी जिन्दगी को झकझोर दिया। माता-पिता व बहनों के शव को देखकर दोनों भाईयों आंखों से लगातार आंसू टपक रहे थे।
जिले में सनकियों ने दिया है कई हत्याकांड को अंजाम: खगड़िया। जिले में सिरफिरे कातिलों ने अब तक कई लोगों की जानें ले चुकी हैं। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कुम्हरचक्की गांव में गत 5 अगस्त 2018 को मिथिलेश यादव ने अपनी पत्नी व दो बेटियों को गोलियों से भून दिया था। बताया जाता है कि इस घटना में भी मिथलेश की पत्नीपूजा देवी, व उसकी चार वर्षीया बेटी मीनाक्षी व दो वर्षीय बच्ची सोनम कुमारी की घटनासथल पर ही मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में भी उसका बेटा सात वर्षीय अमृत कुमार बच गया था। वह घर से बाहर था। इसलिए वह बच गया था। बताया जाता है कि मिथिलेश की पत्नी पांच माह की गर्भवती भी थी। उस समय हत्या का कारण पारिवारिक विवाद बताया गया था।
मानसी के पूर्वी ठाठा में विनोद यादव ने की थी चाचा पूर्व मुखिया समेत तीन की हत्या: फरवरी 2019 में ठाठा गांव के रहने वाले भी विनोद यादव ने अपने रिश्ते में चाचा पूर्व मुखिया बिरजू यादव, पंचाायत के सरपंच के पिता समेत तीन लोगों को मौत की घाट उतार दिया था। बताया जाता है कि उस समय विनोद यादव पर ऐसा सनक सवार था कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पहुंचने पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें तत्कालीन सदर एसडीपीओ समेत पुलिस बलों ने भी बड़ी मुश्किल से जान बचाई थी।
मथुरापुर में युवक ने पिता व बहन का कर दिया था कत्ल: वर्ष 2022 को चार सितंबर क ी शाम एक युवक ने अपने पिता एवं बहन की हत्या कर दी थी। युवक रवीश ने धारदार हथियार से रेत कर बहन और पिता की हत्या कर दी और मौके से ही उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि उस समय में उसने हत्या करने के बाद भी स्वयं ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी। एकनिया गांव में मंगलवार की रात चार हत्या के बाद मुन्ना यादव के स्वयं आत्महत्या किए जाने के बाद यह पुरानी घटनाएं फिर ताजी हो गई है।
परिजनों को पूर्व विधायक ने दी सांत्वना: खगड़िया। एकनिया गांव में मुन्ना यादव के परिजनों से मिलकर पूर्व विधायक पूनम देवी यादव ने बुधवार को सांत्वना दी। उन्होंने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक वीभत्स घटना है। वहीं उन्होंने मासूम बच्चों से मां बाप व बहन के साया हट जाने पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने बच्चों के परवरिश के लिए सरकार व जिला प्रशासन से मुआवजा देने की मंाग की।
बच्चों के पठन-पाठन की हो व्यवस्था: जिप अध्यक्ष: खगड़िया। एकनिया गांव में सनकी मुन्ना यादव के द्वारा दिए गए घटना के अंजाम के बाद उसके दो मासूम बेटों की परवरिश व पठन पाठन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा अपनी देखरेख में कराने की मांग जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचकर वहां पर मौजूद एसपी से विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। जिससे इस मामले का खुलासा हो सके कि आखिर किस परिस्थिति में मुन्ना यादव ने इस प्रकार के घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की गहराई से छानबीन करनी
अगर पहले होती गिरफ्तारी तो बच जाती पांचों की जान: खगड़िया। मानसी थाना क्षेत्र के एकनिया गांव में एक साथ पांच लोगों की मौत से सभी की आंखें नम थीं। हर कोई इस घटना पर अफसोस जता रहे थे। वहीं मृतक मुन्ना यादव के ससुर सदर प्रखंड के बरखंडी गांव निवासी उमेश यादव ने कहा कि अगर पुलिस पहले से सख्ती बरतती और मुन्ना यादव को उसके बड़े भाई विमल यादव की तरह ही गिरफ्तार कर लेती तो आज पांच पांच जानें नहीं जाती।
उन्होंने कहा कि वे भी कई बार अपने दामाद को आत्मसमर्पण करने की बात कही थी। इधर पुलिस ने बताया कि सात माह से हत्याकांड मामले में फरार चल रहे आरोपी मुन्ना यादव के गिरफ्तारी को लेकर लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी। वह लगातार पुलिस की नजरों से बचकर भाग रहा था। प्रभारी थानाध्यक्ष सुमन कुमार पांडेय ने बताया कि लगभग दो माह पहले उसकी गिरफ्तारी के लिए घर पर इश्तेहार भी चिपकाया गया था। वही परिजन लगातार मुन्ना के द्वारा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण का आश्वासन दे रहा था।
घटना की जानकारी के बाद बुधवार को 11 बजे दिन तक काफी संख्या में लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई इस घटना को लेकर अफसोस जता रहा है। इस घटना के स्पष्ट कारण जानने को लेकर लोगों में बेताबी दिख रही थी।
पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई बुजुर्ग किसान की हत्या का आरोपी था मुन्ना: खगड़िया। जिले के मानसी थानान्तर्गत एकनिया गांव में तीन बच्चों व पत्नी सहित चार की हत्या करने वाला मुन्ना यादव एक बुजुर्ग किसान के हत्याकांड में आरोपी था। जिसमें वह फरारी जीवन जी रहा था। गत 12 नंवबर 2022 को परबत्ता थाना क्षेत्र अन्तर्गत कबेला गांव निवासी बुजुर्ग किसान किशोर चौधरी उर्फ लड्डू लाल चौधरी की दिनदहाड़े मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित एकनिया गांव के राजवाड़ा बहियार में हत्या कर दी गई थी। इस घटना में मुन्ना यादव के अलावा उसके बड़े भाई विमल यादव को मृतक के भाई अशोक चौधरी ने कांड संख्या 1202/2022 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर विमल यादव को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया। वही मुन्ना यादव पुलिस की नजरों से बचकर फरारी जीवन व्यतीत करने लगा।
बताया जाता है कि मृतक लड्ड़ चौधरी की जमीन की बटाईदारी पर खेती विमल यादव द्वारा की जा रही थी। प्राथमिकी में कहा गया था कि एक दिन इन सभी ने एक साजिश के तहत किसान लड्डुलाल चौधरी को खेत पर बुलाया गया था। इसी दौरान मौका पाकर सात साल के बकाया रुपए मांगने पर विमल यादव व मुन्ना यादव द्वारा लड्डूलाल की हत्या कर दी गई।
हत्याकांड के बाद सात माह से मुन्ना था फरार: जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में परबत्ता थाना क्षेत्र के भू-स्वामी की बटाई में मुन्ना यादव खेती करता था। इसी बीच उसके बड़े भाई विमल यादव से खेती को लेकर विवाद हुआ था। इसी मामले में भू-स्वामी की पिछले साल अक्टूबर माह में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में विमल यादव व मुन्ना यादव दोनों भाई आरोपी बनाये गए थे। विमल यादव को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। वह वर्तमान में मंडल कारा में बंद है। वही इसी हत्या मामले में मुन्ना यादव फरार चल रहा था। वह मंगलवार को दिन में घर आया था और रात में घटना को अंजाम दिया।
