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पटना. बिहार की नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत विधायकों और एमएलसी के फंड को बढ़ा दिया गया है. नीतीश कैबिनेट ने एमएलए और एमएलसी फंड की राशि बढ़ाते हुए 3 करोड़ की बजाय 4करोड़ रुपये कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार कैबिनेट बैठक संपन्न हुई, मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित हुई इस बैठक में कुल 12 एजेंडे पर मुहर लगी है.
नीतीश सरकार ने एमएलए/एमएलसी फंड में बदलाव किया है. सीएम क्षेत्र विकास योजना के गाइडलाइन में संशोधन करते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में अतिरिक्त राशि बढ़ा दी गई है. सरकार ने 318 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति दी है. एमएलए-एमएलसी फंड के तहत 3 करोड़ की बजाय अब 4 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. नीतीश सरकार ने दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में 3115 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है. दरभंगा में केंद्र द्वारा एम्स की स्वीकृति नहीं दिए जाने के बाद बिहार सरकार का यह फैसला सामने आया है.
फिलहाल डीएमसीएच में 569 करोड़ की लागत से 400 बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है. शेष 2100 बेड वाले उपकरणों समेत अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा. इस पर कुल लागत 2546.41 करोड़ रुपये का प्राक्कलन किया गया है. दक्षिण बिहार एवं उत्तर बिहार के कुल 61.05 किलोमीटर लंबाई का सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य के लिए 234 करोड़ 30 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का नाम विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग करने को हरी झंडी नीतीश कैबिनेट से दी गई है.
दो जिलों के 3 लेवल क्रासिंग के बदले ROB निर्माण के लिये 149 करोड़ 21 लाख 13623 रुपये स्वीकृत किये गए हैं. मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने दी.