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Monday, May 8, 2023

मनीष कश्यप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: याचिका पर सुनवाई से SC का इनकार; कहा-हाईकोर्ट जा सकते हैं; केस क्लब की मांग भी खारिज

Kosilive Bihar News:
तमिलनाडु की जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कश्यप की बेल और NSA याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, सभी केस को एक जगह क्लब करने की याचिका को खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मनीष कश्‍यप आदतन अपराधी है। मनीष कश्यप के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कहा कि अगर इस लड़के को इस अपराध के लिए सलाखों के पीछे होना है तो सभी पत्रकारों को जेल जाना चाहिए। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि पत्रकार नहीं, वह चुनाव लड़ा है।

इससे पहले 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि मनीष पर NSA क्यों लगाया गया है। इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट से जवाब देने के लिए समय मांगा था। आज तमिलनाडु सरकार की ओर से काउंटर एफिडेविट फाइल किया गया था। मनीष कश्यप की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह, तमिलनाडु सरकार की तरफ से कपिल सिब्बल पेश हुए। बिहार सरकार ने भी अपना पक्ष रखा।

सुप्रीम कोर्ट में ऐसे हुए सवाल-जवाब

सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह: पहले एफआईआर हुई, अब एनएसए। सीजेआई- लेकिन क्या करें आप फर्जी वीडियो वगैरह बना रहे हैं। मनिंदर सिंह- अगर मुझे एनएसए के तहत होना है तो सभी समाचार पत्रों को एनएसए के तहत होना चाहिए … सीजेआई: लेकिन अगर आपको NSA का उपाय चाहिए तो आप HC जा सकते हैं। सीजेआई: हम एफआईआर को क्लब कर सकते हैं। मनिंदर सिंह: जहां भी पहली एफआईआर दर्ज होती है... इस नियम का पालन किया जाता है। सीजेआई: मुझे कॉमन एफआईआर के बारे में बताइए। कपिल सिब्बल: तमिलनाडु के काउंटर में अनुलग्नक देखें। मनिंदर सिंह: अगर इस लड़के को इस अपराध के लिए सलाखों के पीछे होना है तो सभी पत्रकारों को जेल जाना चाहिए... और सलाखों के पीछे होना चाहिए। कपिल सिब्बल : पत्रकार नहीं, उसने चुनाव लड़ा है। बिहार सरकार: तीन एफआईआर हैं। एक मामले में उसने पटना सिटी में यह कहकर फर्जी वीडियो बनाया है कि यह वीडियो तमिलनाडु में तैयार किया गया है और इसमें दिखाया गया है कि प्रवासी मजदूरों को मारा जा रहा है। दूसरी उस टिप्पणी पर है, जिसमें मनीष कश्यप ने कहा कि मैं पुष्टि करने के लिए तमिलनाडु जा रहा हूं। उसने उस वीडियो को एक अलग तस्वीर और अलग साउंड ट्रैक के साथ बनाया। तीसरी हथकड़ी में तस्वीरें हैं जो कह रही हैं कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

याचिका में तीन मांगे थीं

सुनवाई में मनीष की ओर से 3 मांगे की गई थीं। मनीष कश्यप के खिलाफ बिहार से लेकर तमिलनाडु तक कई केस दर्ज किए गए हैं। पहली मांग- मनीष कश्यप के खिलाफ दोनों राज्यों में दर्ज सारे केस को क्लब करने। दूसरी- मनीष को रेगुलर बेल देने और तीसरी- तमिलनाडु सरकार की ओर से लगाए गए NSA को हटाने की मांग की गई थी।

सुनवाई से ठीक पहले मनीष कश्यप के परिवार ने वकील बदला

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई से ठीक पहले मनीष कश्यप की तरफ से एडवोकेट को ही बदल दिया गया। इस बात की पुष्टि खुद शुरुआत से सुप्रीम कोर्ट में मनीष के केस को देख रहे सीनियर एडवोकेट एपी सिंह ने की। भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि आज की सुनवाई को लेकर उनके तरफ से पूरी तैयारी की गई थी। कई पेपर तैयार किए गए थे। मगर, अचानक से पता चला कि मनीष कश्यप के परिवार वालों ने नए एडवोकेट को हायर किया है। जिनके पास पहले से कोई तैयारी नहीं थी।

पिछली सुनवाई में मांग लिया था समय

इससे पहले 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में तमिलनाडु सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांग लिया था। दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार के एडवोकेट ने कहा था कि एक दिन पहले ही एक अमेंडेंट पिटीशन फाइल मिली है।

इस कारण काउंटर एफिडेविट बनाने के लिए समय दिया जाए। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई की तारीख तय की थी। अब आज तमिलनाडु सरकार के एडवोकेट काउंटर एफिडेविट फाइल करेंगे।

30 मार्च को ले गई थी तमिलनाडु पुलिस

बिहारियों की पिटाई का फेक वीडियो वायरल करने के मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।

बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया। उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे अपने केस में कब्जे में लिया था।रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की और उसे जेल भेज दिया था। इसके बाद 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई। तब से मनीष कश्यप वहां की जेल में बंद है। वहां जाने के बाद ही उसके ऊपर NSA लगाया गया।