Kosi Live-कोशी लाइव SAHARSA/ए ग्रेड स्टेशन:700 फीट लंबे प्लेटफॉर्म पर मात्र 150 फीट का शेड, तपती गर्मी में यातना झेल रहे यात्री - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Sunday, May 14, 2023

SAHARSA/ए ग्रेड स्टेशन:700 फीट लंबे प्लेटफॉर्म पर मात्र 150 फीट का शेड, तपती गर्मी में यातना झेल रहे यात्री

Kosilive Saharsa News/
 
गर्मी के मौसम में सहरसा रेलवे जक्शन पर ट्रेनों का इंतजार करना किसी यातना से कम नहीं है। समस्तीपुर रेल मंडल के ए-ग्रेड के कुछ गिने स्टेशनों में एक सहरसा जक्शन पर कहने के लिए पांच प्लेटफार्म है, लेकिन करीब 700 फीट लंबे प्लेटफार्म का एक चौथाई भाग में भी शेड नहीं लगा है। कई प्लेेटफार्म का 90 प्रतिशत हिस्सा शेड विहीन है। इस कारण बेंच लगे रहने के बाद भी वहां यात्रियों का ट्रेनों के लिए इंतजार करना संभव नहीं है।


वर्तमान मई और इसके बाद जून-जुलाई महीने में जिले में हिटवेव चलने की आशंका मौषम वैज्ञानिक जता रहे हैं। जिससे लोगों की तपती-चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में दिन के 11 बजे से शाम के 5 बजे तक घर से निकलना मुश्किल होने जा रहा है। ऐसे में किसी यात्री को ट्रेन के इंतजार में लैगेज सहित बाल बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार करना किसी यातना से कम नहीं होती ।

लेकिन रेलवे को आने वाले ऐसे विकट समस्या से भी कोई लेना-देना नहीं है। बर्ष 2005 में सहरसा स्टेशन अमान परिवर्तन के बाद देश के बड़ी रेल लाईन नेटवर्क से जुड़ गया। तब से आज तक स्टेशन क्षेत्र के विकास में जो तेजी आनी चाहिए नहीं हो सका।

अमान परिवर्तन के बाद सहरसा- सुपौल लाईन खुलने के बाद अब तक पांच प्लेटफार्म का निर्माण तो किया गया है। सभी प्लेटफार्म से ट्रेनों का परिचालन हो रहा है लेकिन यात्री सुविधाओं में विस्तार नहीं किया जा रहा है। अपने यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर ढंग से सिर छिपाने की मूलभूत आवश्यकताऐं भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।

अनदेखी: मामूली सुविधा में भी पीछे
समस्तीपुर डिवीजन के सबसे कमाऊ रेलवे स्टेशन में से एक सहरसा रेलवे स्टेशन पर आगामी हिटवेव और उमस भरी गर्मी से बचने के लिए कोई सुविधा रेल यात्रियों को उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। यहां तक कि रेलवे स्टेशन पर शेड रहने की मामूली सुविधा में भी रेलवे काफी पीछे है।

कमी: नहीं लगा है पर्याप्त दूरी तक शेड

कुल 5 प्लेटफार्म संचालित हो रहे हैं। जिनमें से किसी भी प्लेटफार्म पर पूरा शेड नहीं लगाया गया है। जंक्शन पर अवस्थित प्लेटफार्म नम्बर 1 और 2 की अधिकतम लंबाई लगभग 686 फीट बताई गई है, लेकिन इन 686 फीट के बीच में महज 100 से 150 फीट में ही शेड बनाकर रेल यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं से महरूम रखा जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 5 की लंबाई मात्र 500 फीट से 550 फीट ही है।

सहरसा स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कुछ ऐसी है स्थिति

प्लेटफॉर्म संख्या-1: यह सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। जहां यात्री को बैठने के लिए विश्रामालय बना है। वहीं उक्त प्लेटफार्म से ही सटा हुआ टिकट काउंटर और सर्कुलेटिंग एरिया भी बनाया गया है। साथ ही यात्रियों के टू व्हीलर और फोर व्हीलर के पड़ाव की व्यवस्था इसी प्लेटफार्म के पास है। यहां शेड की स्थिति काफी खराब है। 686 फीट की लंबाई के इस प्लेटफार्म पर 130 फीट में ही शेड है। हालांकि 10 फीट लंबाई के तीन छोटे-छोटे शेड हैं। उक्त शेड सिर्फ बैठने के बेंच के ऊपर ही लगे हैं। तेज धूप में यहां बैठना भी संभव नहीं है। करीब 556 मीटर का क्षेत्र बिना शेड के संचालित है।

प्लेटफॉर्म संख्या-2 : यह भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। यहां रेलवे के कई प्रशासनिक कार्यालय मौजूद हैं। सैकड़ों रेलकर्मी दिन-रात काम करते हैं। इस प्लेटफार्म पर भी पूरा शेड नहीं है। इसकी लंबाई 686 फीट है। इसपर दो बड़े-बड़े शेड हैं। एक शेड 85 और दूसरा 235 फीट का है। यानी कुल 320 फीट की लंबाई पर दो बड़े शेड लगे हुए हैं। हालांकि 10-10 फीट के दो छोटे शेड भी बने हुए हैं। फिर भी लगभग 346 फीट से अधिक की लंबाई में प्लेटफार्म बिना शेड के ही संचालित हो रहा है।

प्लेटफॉर्म संख्या-3 : प्लेटफार्म नंबर 3,4 और 5 प्लेटफार्म नंबर 2 से लगभग 150 फीट छोटा है। इसकी भी दुर्दशा प्लेटफॉर्म नंबर 1 की तरह है। जहां मात्र एक शेड संचालित हैं। जिनकी लंबाई लगभग 105 फीट के आसपास दिख रही है। जिसमें 4 कोच ही कवर हो पाता है। दोनों ही तरफ का इलाका पूरी तरह शेड विहीन है। ऐसे में लगभग 445 फीट की लंबाई का प्लेटफार्म बिना शेड का दिख रहा है।

प्लेटफार्म संख्या- 4 और 5 : इसकी सबसे खराब है। दोनों ही प्लेटफार्म पर मात्र 50 फीट के क्षेत्र में ही शेड है। प्लेटफॉर्म 5 पर भी 50 फीट का ही एक शेड है। ऐसे में दोनों ही प्लेटफार्म का 440 फिट से अधिक का क्षेत्र शेड विहीन है।

बढ़ेंगी अन्य सुविधाएं
अमृत भारत मिशन के तहत करोड़ों की योजना सहरसा जंक्शन पर चलाई जाएगी। जिसमें शेड लगना भी शामिल है। जल्द प्रकिया शुरू होगी।
आलोक अग्रवाल, डीआरएम