पांडेयपुर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अक्षय कुमार पांडेय की हत्या के खून से उसके अपनों के ही हाथ सने हुये है। मृतक की पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी है। पुलिस ने कुल्हाड़ी और खून से सना हुआ शर्ट बरामद कर लिया किया है। मृतक की पत्नी और हत्यारे को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जिस वक्त अक्षय की हत्या हुई वह नशे में था। ऐसे में जब तक उसे संभलने का मौका मिलता तब तक उसे मौत के घाट उतार दिया गया था।
घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए SP मनीष कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए डुमरांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक जांच टीम बनाई गई थी। यह टीम मामले का वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान कर रही थी।अनुसंधान के क्रम में यह ज्ञात हुआ कि मृतक की पत्नी ममता देवी ने कोरानसराय थाना क्षेत्र के बसगीतिया निवासी सरोज यादव पर पैसे के लेनदेन में हत्या करने का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई थी। जो बिल्कुल ही बेबुनियाद निकला। पुलिस की जांच में यह बात निकल कर आई कि हत्या की जांच को भटकाने के लिए मृतक की पत्नी ममता देवी ने पति की हत्या कराने के बाद पति के दोस्त पर हत्या का आरोप लगा FIR कर दिया।
जानकारी के अनुसार नावानगर थाना क्षेत्र के कुलमनपुर गांव निवासी युवक जितेंद्र दुबे से ममता देवी को शादी के बाद से प्रेम हो गया। जितेंद्र पांडेयपुर में ही अपने ननिहाल में रहता था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू किया तो यह बात स्पष्ट हुई कि दोनों के प्रेम-प्रसंग में अक्षय कुमार पांडेय दीवार बन रहा है। ऐसे में साजिश के तहत दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया है कि 28 अप्रैल की रात अक्षय शराब के नशे में घर आया। असल में वह नशे का आदी था। लगभग हर दिन शराब पीकर घर आता था। या फिर घर ही पर बैठकर शराब पीता था।घटना के दिन भी वह शराब के नशे में था। जिसका फायदा ममता देवी और उसके प्रेमी जितेंद्र दुबे पिता गोपाल दुबे ने उठाया। अक्षय कुमार रात में जब गहरी नींद में चल गया तो दोनों ने उनका गला कुल्हाड़ी से काट दिया।