Aadhaar number mandatory in land registry मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में यह नियम लागू होने के बाद अब बिहार सरकार ने भी इसे अनिवार्य कर दिया है. बुधवार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के ...
Kosilive Bihar News:जमीन और मकान खरीदने-बेचने पर भी अब आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा. मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में यह नियम लागू होने के बाद अब बिहार सरकार ने भी इसे अनिवार्य कर दिया है. बुधवार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इसका आदेश जारी किया है. दूसरे राज्यों का हवाला देते हुए बिहार में भी रजिस्ट्री के दौरान आधार नंबर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया है.
इससे संपत्तियों के बेनामी ट्रांजेक्शन पर रोक लगेगी. वहीं, खरीदार-विक्रेता की सही पहचान भी आधार नंबर ऑथेंटिकेशन से आसान हो जायेगी. इससे फर्जीवाड़ा पर रोक लगेगी. फर्जी व्यक्ति को खड़ा करा जमीन रजिस्ट्री का जो मामला सामने आता रहता है, इस पर बिल्कुल ही रोक लग जायेगी. वहीं, रजिस्ट्री ऑफिस में बिना काम जो भीड़ होती है. इसमें भी कमी आयेगी. अपर मुख्य सचिव ने इस व्यवस्था को 10 मई से ही लागू कर दिया है. हालांकि, रजिस्ट्री ऑफिस अभी व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए दो से तीन दिनों में पूरी तरह लागू करने की बात कह रहा है.
विभागीय स्तर से जारी निर्देश के बाद अब जमीन रजिस्ट्री के दौरान खरीदार व विक्रेता के साथ गवाह व पहचान की जो आवश्यकता पड़ती थी, वह अब खत्म हो जायेगी. आधार ऑथेंटिकेशन से ही गवाह व पहचान की प्रक्रिया रजिस्ट्री ऑफिस पूरी करेगा.
शराबियों का पहले से हो रहा आधार सत्यापन
मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग इसके पूर्व शराब के नशे में पकड़े गए लोगों का भी आधार से सत्यापन करा रहा है। यह व्यवस्था पहले पटना में लागू की गई थी जिसे बाद में अन्य जिलों में भी लागू कर दिया गया।
इस व्यवस्था में शराब के नशे में पकड़े जाने पर शराबी व्यक्ति की अंगुलियों का निशान लेकर सत्यापन किया जाता है, ताकि पता चल के कि पकड़े गए व्यक्ति ने पहली बार शराब पी है या दूसरी बार।
अगर पकड़े गए व्यक्ति का डाटा पहले से मौजूद होता है, तो इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वह पहले भी शराब पीने के अपराध में पकड़ा गया है।