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हाजीपुर: पुलिस ने जंदाहा थाना क्षेत्र के हरप्रसाद गांव में एक नाबालिग के लापता होने और फिर शव मिलने के मामले में मंगलवार को चौंकाने वाला खुलासा किया है।
नौ साल की बच्ची की हत्या किसी बाहर वाले ने नहीं, बल्कि उसकी बड़ी बहन, उसके प्रेमी व चाची ने मिलकर की। हत्या के बाद शव को कमरे में रखे ट्रंक में छिपा दिया था।
पुलिस के मुताबिक, मासूम ने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बहन को देख लिया था, जिसके चलते उसकी नृशंस हत्या की गई। पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया।
कब गायब हुई बच्ची?
मासूम की हत्या का खुलासा करते हुए एसपी रवि रंजन कुमार ने बताया कि 16 मई को हर प्रसाद गांव के शिवलाल दास की नौ साल की बेटी अचानक गायब हो गई। 17 मई को जंदाहा थाने में इसकी लिखित शिकायत दी। इसके एक दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 19 मई की शाम में गायब नाबालिग लड़की का शव संदिग्ध स्थिति में उसी के घर के पीछे केलवानी में बरामद किया गया। मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। साथ ही डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल पर जांच की थी।
पुलिस ने बनाई थी स्पेशल टीम
इस मामले की जांच के लिए एसपी ने महुआ एसडीपीओ सौरभ सुमन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था। टीम में डीआईयू और तकनीकी सेल के कर्मी भी शामिल थे। मामले में शिथिलता बरतने के आरोप में जंदाहा थानाध्यक्ष विश्वनाथ राम को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच के दौरान एफएसएल और एसआईटी की टीम ने मृतक के घर में उसके बिस्तर पर तकिया के नीचे से एक मोबाइल और चार सिम बरामद किया गया।
मोबाइल और सिम से खुला राज
जब मोबाइल और सिम का तकनीकी टीम ने जांच की तो पता चला कि मोबाइल और सिम मृतक की बड़ी बहन द्वारा उपयोग किए जा रहे थे। बरामद मोबाइल के विश्लेषण से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता चला, जो समस्तीपुर के हलई ओपी के ररियाही के रहने वाले नीरज कुमार का निकला। इसके बाद पुलिस ने नीरज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में नीरज ने नाबालिग बच्ची की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और दो अन्य लोगों के इसमें शामिल होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मृतक की नाबालिग बड़ी बहन और उसकी चाची को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने उस खून लगे ट्रंक ( जिसमें शव को छिपा कर रखा) और हसिया को बरामद किया।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
एसपी रवि रंजन कुमार ने बताया कि इस मामले में का खुलासा करने के लिए स्पेशल पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने पांच दिन में ही मामले का खुलासा कर दिया। इस टीम में शामिल महुआ एसडीपीओ, पुलिस जवान और डीआईयू सहित तकनीकी शाखा के कर्मियों को पुरस्कार दिया जाएगा।
क्यों की छोटी बहन की हत्या?
बताया जाता है कि समस्तीपुर के हलई ओपी के रहने वाले नीरज कुमार की जान पहचान मृतक की बड़ी बहन से गांव के बगल में लगने वाले पेठिया पर हुई थी। यहीं पर मोबाइल नंबर की लेन-देन हुआ था। नीरज प्रेमिका से छिप-छिपकर मिलने आने लगा। इसकी जानकारी उनकी चाची चंदा देवी को भी थी।
घटना के दिन खेलने के दौरान मासूम ने प्रेमी-प्रेमिका को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद नाबालिग बहन की हसिया से हत्या कर दी गई। उसके बाद शव को घर में ही ट्रंक के अंदर छिपाकर रख दिया गया था। पिता द्वारा पुलिस को सूचना देने पर शव को घर के पीछे फेंक दिया गया।