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पटना. अक्सर शादी-विवाह या खुशी के अन्य किसी मौके पर लोग जश्न में इतना डूब जाते हैं कि हवा में बंदूक लहराते हुए फायरिंग करने लगते हैं. अपनी हनक (धौंस) दिखाने के लिए लोग हर्ष फायरिंग करते हैं, लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है. हर्ष फायरिंग के बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने के लिए बिहार पुलिस एक्शन मोड के आ गई है. पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को इस पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. साथ ही, उनसे हर्ष फायरिंग की घटनाओं का पूरा ब्योरा डाटाबेस के साथ मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है.
इसके बाद हर्ष फायरिंग में इस्तेमाल होने वाले सभी हथियारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे. इन लाइसेंसधारकों की सूची तैयार कर इन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा. इससे भविष्य में इन्हें दोबारा आर्म्स लाइसेंस नहीं मिलेगा.
दरअसल, बिहार में हाल के दिनों में हर्ष फायरिंग की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. हर्ष फायरिंग के कारण कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से हर्ष फायरिंग से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. इसमें पिछले एक साल में हर्ष फायरिंग की कितनी घटनाएं दर्ज की गईं, इन घटनाओं के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई, कितने दोषियों को गिरफ्तार किया गया और कितने को सजा दिलाई गयी है. जिले में शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की कितनी अनुशंसा की गई. इन तमाम बिंदुओं पर रिपोर्ट भी मांगी गई है. कहा जा रहा है कि अब इन अनुशंसाओं पर मुख्यालय स्तर से निर्णय लिया जाएगा. इसका विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाएगा.
बिहार पुलिस के एडीजी जितेंद्र गंगवार के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक हर्ष फायरिंग की घटनाएं मुख्य रूप से आरा, बक्सर, गया, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर जिले में ही अधिक होती थी, लेकिन अब इसका चलन समस्तीपुर, दरभंगा, पटना, औरंगाबाद के अलावा सीमांचल के जिले पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल में भी बढ़ा है.
ऐसे होगी हर्ष फायरिंग की जांच
एडीजी मुख्यालय के अनुसार हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. इन मामलों की जांच में जारी SOP का पालन करने को कहा गया है. इन घटनाओं की जांच के लिए मानक तय किए गए हैं, ताकि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके और निर्दोष को किसी प्रकार की समस्या ना हो.
SOP में कहा गया है कि पुलिस सबसे पहले घटनास्थल का समुचित मुआयना करेगी. ऐसी घटनाओं की वायरल वीडियो की गहन जांच कर सभी दोषियों की पहचान करेगी. उसके बाद, समारोह में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ करेगी. जिस हथियार से हर्ष फायरिंग की गई है, उसको तुरंत जब्त करेगी. अगर बिना लाइसेंस के किसी हथियार का उपयोग हुआ है, तो जब्त कर उसकी अलग से जांच होगी. हथियार चलाने वाले और लाइसेंसधारक की शिनाख्त पुलिस अच्छे से करेगी. ऐसी सभी घटनाओं में इस्तेमाल में लाए गए हथियार का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा.