Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR CRIME/ठेकेदार की स्कॉर्पियो पर बरसाईं 25 गोलियां..गैंगवार में मर्डर/ओवरटेक कर 8-10 बदमाशों ने गाड़ी रुकवाई; फ्रंट ग्लास पर बुलेट के 23 निशान - Kosi Live-कोशी लाइव

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Saturday, May 6, 2023

BIHAR CRIME/ठेकेदार की स्कॉर्पियो पर बरसाईं 25 गोलियां..गैंगवार में मर्डर/ओवरटेक कर 8-10 बदमाशों ने गाड़ी रुकवाई; फ्रंट ग्लास पर बुलेट के 23 निशान

Kosilive Bihar News/मोतिहारी में अपराधियों ने शनिवार सुबह 8 बजे एक ठेकेदार को गोलियों से छलनी कर दिया। 8-10 की संख्या में आए बदमाशों ने ठेकेदार की स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ 25 राउंड फायरिंग की। जिससे बिजली विभाग के ठेकेदार ओम प्रकाश सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। फेनहारा प्रखंड के इजोरबारा गांव में गोलीबारी हुई है। खबर है कि गैंगवार में ये मर्डर हुआ है।

बताया जा रहा है कि सूमो से आए 8 से 10 बदमाशों ने ठेकेदार की स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर रुकवाया। गाड़ी के रुकते ही ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस की माने तो 25 राउंड से ज्यादा फायरिंग की गई। ओम प्रकाश सिंह के साथ गाड़ी में मौजूद बाकी 3 लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं।


ठेकेदार को गोली लगने के बाद उसके साथी उसे इलाज के लिए मुजफ्फरपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत होने के बाद उसको वापस गांव लेकर चले गए। ओम प्रकाश की मां अस्पताल में भर्ती है। वो मां को देखने के लिए ही जा रहा था। तभी रास्ते में ये हमला हो गया। मृतक का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

गाड़ी के सामने के ग्लास पर 23 गोलियों के निशान हैं।
गाड़ी के सामने के ग्लास पर 23 गोलियों के निशान हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मौके से पुलिस ने 18 खोखे बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में चार लोग सवार थे। जिनमें लक्ष्मीनिया निवासी ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब को ही गोली लगी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

4 जिलों की गैंग से थी दुश्मनी

ओम प्रकाश गैंगस्टर मुकेश पाठक का राइट हैंड था। मुकेश पाठक के जेल जाने के बाद फिलहाल गैंग का सारा काम ओम प्रकाश ही देख रहा था। मुकेश पाठक गैंग और उसके लोगों की दुश्मनी सीतामढ़ी के संतोष झा गैंग, शिवहर के शिवनारायण सिंह गैंग, मुजफ्फरपुर के सोनू पाठक गैंग और मोतिहारी के भी एक गैंग से चल रही थी।

बताया यह भी जा रहा है कि ओम प्रकाश की अपने गांव में भी लोकल पॉलिटिक्स की वजह से कई लोगों से दुश्मनी हो गई थी। पुलिस फिलहाल सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।

मुकेश पाठक और संतोष झा पहले एक साथ काम करते थे। संतोष झा की सीतामढ़ी जेल कैंपस में हत्या के बाद मुकेश पाठक अलग हो गया। उसके बाद से वो अपनी स्वतंत्र गैंग चला रहा था।