किसी भी जाति का सत्यापन भूमि दस्तावेज (खतियान) के द्वारा किया जाता है। बिहार राज्य में लोहार समाज के लोगों के खतियान में जाति का नाम लोहार दर्ज है जिसे आप विभागीय स्तर से जांच कराकर सत्यापन कर सकते हैं।
सरकार के द्वारा जाति आधारित गणना के लिए जारी किए गए सूची में लोहार जाति के लिए कोड आवंटन नहीं किया गया है। इस विषय को सामान्य प्रशासन विभाग पटना में आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका है फिर भी सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा लोहार समुदाय के लिए अलग से कोड जारी नही किया जाना अन्याय पूर्ण है।
सरकार के द्वारा जारी जाति सूची में:-
(क) कोड संख्या 13 पर कमार (लोहार, कर्मकार) दर्ज है:- ज्ञात हो कि कमार पश्चिम बंगाल की जाति है और यह बिहार में बंगाल से सटे जिलों (कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज) पाए जाते है। कमार बिहार में अल्पसंख्यक है जबकि बिहार में लोहार बहुसंख्यक है और बिहार के सभी 38 जिलों में पाए जाते है। लोहार जाति का कमार जाति से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। ऐसे में लोहार को कमार के उपजाति में गणना कराया जाना पूर्ण रूप से गलत और अन्याय पूर्ण है।
(ख) कोड संख्या 177 पर (लोहारा, लोहरा) दर्ज है:- पत्र संख्या - 11/ आ0- सू0अ0-66/ 2014 सा0प्र0- 12020, सामान्य प्रशासन विभाग पटना से प्राप्त RTI रिपोर्ट के अनुसार बिहार राज्य में लोहारा जाति से संबंधित कोई भी साक्ष्य या दस्तावेज सरकार के पास उपपब्ध नहीं है। लोहारा एक काल्पनिक शब्द है जिसका Real Existence का कोई भी प्रमाण सरकार के पास नही है।
हमारी मांगे:-
1) लोहार समुदाय के लिए अलग स्वतंत्र कोड जारी कर मूल जाति के रूप में गणना कराया जाए।
2) कमार जाति के कोड संख्या 13 से उपजाति में शामिल लोहार शब्द डिलीट किया जाए।
3) काल्पनिक शब्द लोहारा को गणना सूची से डिलीट किया जाए।
जबतक लोहार जाति के लिए अलग स्वतंत्र कोड जारी कर मूल जाति में गणना नही कराया जाता तबतक अपने अधिकार और अस्तित्व की रक्षा के लिए बिहार के सभी 38 जिलों के लोहार समाज द्वारा जाति आधारित गणना का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा क्योंकि लोहार न कमार जाति का उपजाति है और न ही लोहारा है। अतः आपसे सादरपूर्वक निवेदन है कि लोहार जाति के अधिकार और अस्तित्व बचाने में मदद किया जाए और संबंधित विभाग से लोहार जाति का अलग कोड जारी करवाया जाए ताकि खुशी खुशी लोहार समाज के लोग भी अपनी - गणना करा सकें।