बिहार के मुजफ्फरपुर में रंगदारी में 10 लाख की रकम नहीं दिए जाने पर बेटी को उठा लेने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित पति-पत्नी ने थाना में आवेदन देकर बेटी की रिहाई की गुहार लगाई है। उसके साथ मनचले छेड़ छाड़ भी करते हैं। इकलौती बेटी के अगवा होने से मां बाप काफी डरे हैं। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
मामला सदर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। पीड़ित दंपती ने पुलिस को बताया कि रंगदारी में 10 लाख रुपए लेने के लिए किशोरी का अपहरण कर लिया। घटना 26 अप्रैल की रात 11 बजे की बताई जा रही है। किशोरी के पिता के आवेदन पर सदर थाने में एफआईआर की गई है। इसमें छह लोगों को नामजद आरोपित बनाया है। पुलिस उनकी धर पकड़ के लिए कार्रवाई कर रही है। गायब हुई लड़की को खोजने में परिजन और पुलिस अपने अपने स्तर से जुटे हैं।
पुलिस को दी जानकारी में बताया गया है कि आरोपितों ने उनकी इकलौती बेटी को 26 अप्रैल को जबरन अगवा कर लिया है। सुमन गुप्ता और आकाश गुप्ता नामक युवक उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। इसके लिए पूर्व में एसडीओ पूर्वी के समक्ष आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसके बाद से सभी आरोपित स्थिर हो गए थे। लेकिन वे हमे डैमेज करने की फिराक में हमेशा लगे रहते थे।
घटना की रात 11 बजे सुमन गुप्ता, पंकज गुप्ता, उसका भाई, आकाश गुप्ता, गौरव कुमार, रोहित कुमार सहित अन्य मिलकर उनकी इकलौती बेटी का अपहरण कर ले गए। पिता ने आरोप लगाया है कि वह आरोपित सुमन गुप्ता के घर पर गए। वे लोग भाग चुके थे। पिता ने आरोप लगाया कि संपत्ति और 10 लाख रंगदारी में नहीं देने पर उनकी बेटी का अपहरण किया गया है। बताया कि अपने स्तर से उसकी काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला।
मामले में सदर थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि आवेदन के आधार पर एफआईआर की गई है। वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान की जा रही है। आरोपितों के मोबाइल का कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन खंगाला जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। उनके मोबाइल पर एक्सपर्ट नजर बनाए हुए हैं। जल्द हीं केस को सॉल्व कर लिया जाएगा लेकिन परिजन काफी डरे हुए हैं।