Kosi Live Bihar News/बिहार सरकार ने 2 लाख लोगों को वसूली का रेड-व्हाइट नोटिस जारी है। अब आप सोच रहे होंगे कि भला ये वसूली का नोटिस लाखों लोगों को जारी क्यों किया गया। तो हम आपको इसकी वजह बताते हैं।
दरअसल बिहार में पीएम आवास योजना मे बड़ा खेल हुआ है। 2.21 लाख लाभार्थियों ने पूरा पैसा करीब 1.20 लाख रूपए लेकर भी मकान का निर्माण नहीं करवाया। जबकि ग्राम विकास विभाग ने लाभार्थियों के खाते में पूरी रकम डाल दी थी। जिसके चलते अब बिहार सरकार ने ऐसे लाभार्थियों को वसूली का नोटिस भेजा है।
2.21 लाख लाभार्थियों को नोटिस
राज्य सरकार के ग्राम विकास विभाग ने लाभार्थियों के खातों में पूरी राशि जमा किए जाने के बाद भी मकान का पूरा निर्माण सुनिश्चित नहीं करने के लिए 347 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की है। विभागीय दस्तावेजों के मुताबिक विभाग ने पीएमएवाई-जी के तहत सालों पहले पूरी राशि मिल जाने के बाद भी मकान का निर्माण पूरा नहीं करने पर 94 हजार 27 लाभार्थियों को 'रेड नोटिस' और 1 लाख 27 हजार 463 को 'व्हाइट नोटिस ' भेजे हैं।
क्या हैं रेड और व्हाइट नोटिस?
'रेड नोटिस' उनके खिलाफ भेजा जाता है जिनके विरूद्ध विभाग कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है तथा 'व्हाइट नोटिस' उल्लंघनकर्ताओं को योजना के तहत घर का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की चेतावनी के तौर पर भेजा जाता है। बिहार के ग्राम विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को बताया कि विभाग ने राज्य में 2 लाख 21 हजार 490 लाभार्थियों को नोटिस भेजे हैं। जिन्होंने खाते में पूरी रकम आ जाने के बाद भी पीएमएवाई-जी योजना के तहत पक्के घर का निर्माण पूरा नहीं करवाया है।
अधिकारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कई लाभार्थियों ने विभाग द्वारा भुगतान किए जाने के कई महीने/साल बाद भी अपने मकान का निर्माण नहीं किया है। राज्य सरकार के अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं , इसलिए 347 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी है। विभाग ने गया जिले में सबसे अधिक 21 हजार 375 लाभार्थियों को नोटिस भेजे हैं। उसके बाद पूर्वी चंपारण में 16 हजार 955 लाभार्थियों को, मधुबनी में 14 हजार 753 लाभार्थियों को, बेगूसराय में 13 हजार 709 लाभार्थियों को, नवादा में 13 हजार 344 लाभार्थियों को, अररिया में 11 हजार 806 लाभार्थियों को और मधेपुरा में 11 हजार 338 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं।