Kosi Live-कोशी लाइव Chaitra Navratra 2023: इस नवरात्रि नाव पर माता दुर्गा के आगमन व हाथी पर विदाई से अधिक वर्षा का बन रहा है योग - Kosi Live-कोशी लाइव

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Tuesday, March 21, 2023

Chaitra Navratra 2023: इस नवरात्रि नाव पर माता दुर्गा के आगमन व हाथी पर विदाई से अधिक वर्षा का बन रहा है योग

Kosi Live बेगूसराय: इस वर्ष चैत्र नवरात्र का शुभारंभ बुधवार को कलश स्थापना के साथ ही हो जाएगा। नवरात्रि के प्रथम दिन माता दुर्गा के प्रथम रूप शैल पुत्री रूप की पूजा होगी।
इस वर्ष माता दुर्गा का आगमन नाव पर एवं प्रस्थान हाथी पर होगा। मां दुर्गा की पूजा अर्चना को लेकर दुर्गा मंडपों की साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। वहीं, पंडितों व आमजनों के द्वारा पूजा-पाठ की तैयारी भी की जा रही है।

कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त

बुधवार को नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। पंडित राघवेंद्र झा एवं पंडित संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि मंगलवार की रात्रि में 11.05 मिनट तक अमावस्या तिथि है, इसलिए बुधवार की सुबह से ही कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त है। बुधवार की शाम तक यह शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा।

हालांकि, बेगूसराय जिले में मुख्य रूप से कार्तिक-आश्विन माह में शारदीय नवरात्र का आयोजन वृहत पैमाने पर नगर व ग्रामीण इलाकों में किया जाता है। शारदीय नवरात्र की अपेक्षा चैत्री नवरात्र में कम ही मंडपों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। विभिन्न स्थानों पर इस मौके पर मेलों का भी आयोजन किया जाएगा।

हाथी पर मां दुर्गा की विदाई से अधिक वर्षा का योग

पंडितों ने बताया कि माता का गमन हाथी पर होगा इसलिए इस वर्ष अधिक वर्षा की संभावना है। इससे कृषि उत्पादन के बेहतर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 30 मार्च को महानवमी पूजा व हवन कार्य किया जाएगा। 31 मार्च को दशमी पूजा एवं प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

चैत्री नवरात्र में बेगूसराय जिले के विभिन्न प्रखंडों में त्रिदिवसीय मेलों का आयोजन किया जाएगा। जहां आकर्षक सजावट, विभिन्न प्रकार की दुकानों, झूले, मौत का कुआं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटकों का मंचन आमजनों के मनोरंजन आदि की व्यवस्था मेला आयोजकों के द्वारा की जाएगी।

नवरात्र के साथ ही चैती छठ

नवरात्र के क्रम में ही शनिवार 25 मार्च से चार दिवसीय चैती छठ पर्व का भी आरंभ होगा। शनिवार को चैती छठ पर्व के लिए नहाय-खाय, रविवार को खरना, सोमवार को अस्ताचल सूर्य को अर्घ्यदान एवं मंगलवार को उदयाचल सूर्य को अर्घ्यदान के साथ छठ संंपन्न हो जाएगा। वहीं 30 मार्च को रामनवमी पूजनोत्सव (हनुमानी पताका का ध्वजारोहण) भी किया जाएगा।