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Thursday, March 23, 2023

बिहार : ऑनलाइन आवेदन देकर अब 10 दिन में करा सकते हैं जमीन की मापी, बस देने होंगे इतने रुपये

कोसी लाइव/बिहार : ऑनलाइन आवेदन देकर अब 10 दिन में करा सकते हैं जमीन की मापी, बस देने होंगे इतने रुपये।

बिहार में जमीन की मापी की समय सीमा निर्धारित कर दी गयी है. ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन प्राप्ति के 30 दिनों में निश्चित रूप से मापी कर दी जायेगी. साथ ही मापी की रिपोर्ट आवेदक को उपलब्ध करा दी जायेगी.

ऑनलाइन आवेदक को ऑनलाइन और ऑफ लाइन आवेदक को ऑफ लाइन मापी रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है. इससे आम लोगों को अपनी जमीन की मापी के लिए अंचल जाने की अनिवार्यता खत्म हो गयी है. 

घर बैठे करा सकेंगे मापी 

अब घर बैठे किसान या रैयत ऑनलाइन आवेदन देकर जमीन की मापी करा पायेंगे. साथ ही भूमि मापी के लिए तत्काल बुकिंग की व्यवस्था भी की गयी है. इसका शुल्क भी सामान्य मापी से अधिक रखा गया है. इस मापी के लिए अधिकतम 10 कार्य दिवस निर्धारित किया गया है. 20 मार्च को गजट प्रकाशन के साथ ही यह सुविधा पूरे राज्य में लागू हो गयी है.

मापी की दर

नई व्यवस्था में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मापी की अलग-अलग दर निर्धारित की गयी है. शहरी क्षेत्र यानी नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम के लिए प्रति खेसरा 1000 रुपये दर निर्धारित किया गया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रति खेसरा मापी की दर 500 रुपये निर्धारित है. अब एक साथ चार खेसरा की मापी करायी जा सकेगी. तत्काल मापी में शहरी क्षेत्र के लिए इसका शुल्क सामान्य से दोगुना यानी 2000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 1000 रुपये प्रति प्लॉट रखा गया है.

पहले हर अंचल में मापी का शुल्क अलग-अलग था

पहले हर अंचल में मापी का शुल्क अलग-अलग था. यह शुल्क हर अंचल में कार्यरत अमीन के एक दिन के वेतन के बराबर होता था. इस तरह यह शुल्क किसी अंचल में 1000 रुपये तो किसी में 3000 रुपये प्रति प्लॉट तक था. नई व्यवस्था में पूरे प्रदेश में मापी में एकरूपता आ जायेगी.

आवेदकों को मिलेगी ऑनलाइन मापी की तारीख चुनने की सुविधा : मंत्री

इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि हम जल्द ही आवेदकों को ऑनलाइन मापी की तारीख चुनने की सुविधा देने जा रहे हैं. इससे उन लोगों को सुविधा होगी जो कुछ दिनों की छुट्टी लेकर अपने घर आते हैं और निर्धारित अवधि में ही अपने जमीन की मापी करा लेना चाहते हैं. पहले यह शिकायत रहती थी कि मापी तो हो गयी है, लेकिन अमीन द्वारा रिपोर्ट ही नहीं दिया जा है. हमने इसे गंभीरता से लिया है.