राज्य सरकार की नौकरियों में रहे पति-पत्नी दोनों में किसी एक के रिटायर होने और एक की सेवा में रहते हुए मौत होने पर भी आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी मिल सकेगी. सरकार ने किसी लोक सेवक की मौत होने पर उनके आश्रित को अनुकंपा के पर नौकरी देने की नियमावली को नये सिरे से परिभाषित किया है. पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में रहते हुए किसी एक की मौत के बाद आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी देने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.
अब इसके तहत पति-पत्नी में से किसी एक के मौत होने और दूसरे के रिटायर होने के बाद भी आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी दी जायेगी. महाधिवक्ता की राय के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने सभी विभागों के प्रमुखों, आयुक्त व डीएम को पत्र लिखा है. प्रावधानों के अनुसार अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हों और किसी एक की मौत हो जाती है, तो अनुकंपा पर नियुक्ति का लाभ उनके आश्रित को नहीं मिलेगा.
महाधिवक्ता की राय के बाद जारी किया संकल्प
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने बताया कि विभाग को जानकारी मिली थी कि कई मामलों में पति-पत्नी में से किसी एक के पेंशनर होने की स्थिति में सेवाकाल में रहते हुए दूसरे की मौत होने पर आश्रित को इस आधर पर अनुकंपा की नौकरी नहीं मिल पा रही थी कि पति या पत्नी पेंशनर हैं. इस संबंध में महाधिवक्ता से राय ली गयी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पेंशनर को सरकारी सेवा में नहीं माना जा सकता. उन्होंने ऐसे मामलों में आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिये जाने की राय दी. इसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नयी अधिसूचना जारी की है.
