सहरसा DM
सहरसा जिले में भी किसानों को जापान टेक्नोलॉजी के माध्यम से खेतीवाड़ी की ट्रेनिंग दी जा रही है । यह ट्रेनिंग नदी या पोखर के बीच में दी जाती है । जहां नदी के बीचो-बीच बॉस बल्ले व चचरी का घर बनाकर नदी के बीचो-बीच फसल उपजाऊ का तरीका बताया जाता है । हालांकि यह तस्वीर सहरसा जिले के नोहट्टा प्रखंड के खड़का तेलवा पंचायत केटोला रमोती के पोखर में ही देखने को मिली । जहा जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने चौकी जलजमाव एरिया में जहां सब्जी नहीं हो पाता है वहां जापानी टेक्नोलॉजी की व्यवस्था से जैविक के माध्यम से सब्जी का कारोबार किया गया है और 20 किसानों को फायदा दिया गया है किसानों ने बताया कि एन जीओ के जापान टेक्नोलॉजी से ट्रेनिंग हम लोगों को दी जा रही है उनका कहना है कि हर साल बाढ़ आने से खासकर किसानों को काफी फसल नुकसानो का सामना करना पड़ता है खेतों में पानी लग जाने से फसल उपजाऊ नहीं हो पाती है ऐसे में जापान टेक्नोलॉजी का ट्रेनिंग हम लोगों को दी जा रही है यह ट्रेनिंग एक साल की है जो नदी या पोखर के बीच चचरी का मकान बनाकर नदी के बीचों-बीच एक गमले में विभिन्न प्रकार के बीज से फसल उपजाऊ करते हैं । किसानों ने यह भी बताया कि इससे हम लोगों को 2 फायदे हैं एक मत्स्य पालन भी हो जाती है और दूसरा फसल उपजाऊ का यह तरीका भी अपनाया जाता है अगर एक साल के अंदर यह सफल हो गया तो हम लोग खेतों में फसल उपजाओ ना कर नदिया पोखर में ही फसल की उपजाऊ करेंगे । यह तस्वीर देखने के बाद किसानों के बीच एक नई संदेश देती है । कि अगर किसानों के खेतों में पानी है तो वह किसी पोखरिया तालाब में भी फसल उपजाऊ कर सकेंगे ।
