मैट्रिक का होनहार छात्र परीक्षा देते देते मौत से हार गया। वह पढ़-लिखकर शायद कुछ बनना चाहता था, इसलिए तेज बुखार होने के बावजूद परीक्षा देने चला गया। रास्ते में एक बार बेहोश भी हो गया, फिर भी रुका नहीं कि कहीं साल न बर्बाद हो जाए।
16 साल का रोहित बुखार से लड़ते लड़ते बिहारशरीफ के आदर्श हाईस्कूल परीक्षा केंद्र पर आ गया, लेकिन परीक्षा के दौरान ही उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, पर डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रोहित ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। बेटे की अचानक मौत की खबर पाकर मां का कलेजा फट पड़ा। बदहवास मां अस्पताल से बेटे का शव रिक्शे में लेकर घर गई। परिजनों का कहना है कि रोहित होनहार लड़का था।
रोहित एकंगरसराय प्रखंड के तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के राडिल गांव के निवासी स्व बढ़न सिंह का पुत्र था। वह मैट्रिक की पहली पाली की परीक्षा देने गया था। परीक्षा देने के लिए वह बिहारशरीफ के खंदकपर मोहल्ले में साथियों के साथ रह रहा था। इस हादसे से बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि कोरोनाकाल में बिहार में बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में ही कराई जा रही हैं, जबकि कई अन्य राज्यों में मई-जून में प्रस्तावित हैं।
दोस्तों ने मना किया फिर भी नहीं माना
परिजनों के अनुसार गुरुवार रात से ही रोहित की तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार को जब वह परीक्षा देने जा रहा था, उस वक्त भी वह रास्ते में बेहोश हो गया। दोस्तों ने जब अस्पताल ले जाने की बात कही तो उसने मना कर दिया और परीक्षा देने चला गया। परीक्षा देते वक्त ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत गंभीर होने पर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बड़ा भाई प्राइवेट कंपनी में काम करता है
घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक का एक भाई और एक बहन हैं। बड़ा भाई राहुल दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है।
