राज्य सरकार ने पूर्व मध्य रेलवे में पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार ने पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम को विभिन्न रेलखंड पर फिर से पैसेंजर ट्रेन चलाने की हरी झंडी दे दी है। बीते साल के 22 मार्च से समस्तीपुर डिवीजन के समस्तीपुर-सहरसा, सहरसा-पूर्णिया सहित सभी रेल खंडों पर पैसेंजर ट्रेन का परिचालन कोरोना संक्रमण के कारण बंद कर दिया गया था। हालांकि सहरसा से सुपौल और सरायगढ़ तक एक पैसेंजर ट्रेन का परिचालन स्पेशल ट्रेन के रूप में किया जा रहा है। जबकि समस्तीपुर से सहरसा और सहरसा से पूर्णिया रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन का परिचालन बंद था। जबकि एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन सहरसा जंक्शन से दिल्ली, मुंबई और पटना के लिए स्पेशल ट्रेन के रूप में किया जा रहा है। सहरसा से समस्तीपुर और सहरसा से पूर्णिया रेलखंड पर एक भी पैसेंजर ट्रेन का परिचालन नहीं होने से रेलवे को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा था। वहीं पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग को लेकर दैनिक यात्री लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। बीते तीन दिन पूर्व भी धमारा घाट स्टेशन पर स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन किया था। वर्तमान में सहरसा-मानसी रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। उन सभी ट्रेनों में जनरल कोच के सीटों पर भी रिजर्वेशन होता है। ऐसे में दैनिक यात्री रिजर्वेशन नहीं होने पर जबरन आरक्षित सीटों पर बैठ जाते है।
निर्देश मिलते ही शुरू होगा परिचालन : सीपीआरओ
हाजीपुर जोन के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि डिवीजन के डीआरएम को राज्य सरकार ने पैसेंजर ट्रेन चलाने को लेकर जो निर्देश जारी किया है। उसकी सूचना नहीं है। लेकिन पैसेंजर ट्रेन को चलाने को लेकर प्रपोजल रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। जैसे ही निर्देश मिलता है, वैसे ही विभिन्न रेल खंडों पर पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा। वहीं राज्य सरकार से अधिकारियों की मानें तो समस्तीपुर डिविजन के विभिन्न रेल खंडों पर पैसेंजर ट्रेन चलाने को लेकर राज्य सरकार ने रेलवे को हरी झंडी दी है।
रेलवे बोर्ड को पत्र भेजने की तैयारी में राज्य सरकार
राज्य सरकार के आदेश की प्रति रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। ताकि रेलवे बोर्ड इस दिशा में कार्रवाई कर जल्द से जल्द पैसेंजर ट्रेन चलाने की अनुमति दें। बता दें कि वर्तमान में जो भी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। वह भी राज्य सरकार के निर्देश पर ही किया जा रहा है। अब तक बिहार और बंगाल में कुछ हिस्सों में पैसेंजर ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।
