सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड-6 में आंगनबाड़ी सेविका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची सदर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की छानबीन में जुट गई है। जानकारी के अनुसार बसबिट्टी वार्ड-6 निवासी मनोज मिस्त्री की पत्नी गुंजा देवी जो गांव के आंगनबाड़ी में सेविका थी। बुधवार को खुद को कमरे में बंद कर लिया। परिजनों द्वारा बार-बार गेट खोलने के बाद भी वो गेट नहीं खोल रही थी। ना ही कुछ जवाब दे रही थी। तीन घंटे तक प्रयास के बाद जब गेट नहीं खुला तो परिजनों ने गेट तोड़ दिया। गेट तोड़कर जब परिजन अंदर गए तो देखा कि गुंजा फंदे से लटक रही है। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। गुंजा की बेटी मौसम कुमारी ने बताया कि तीन दिन बाद घर में मुंडन व पूजा होने वाली थी। इसको लेकर ग्रामीणों को आमंत्रण देने पापा और दादा बाहर गए थे। नरक निवारण चतुर्दशी होने के कारण हमलोगों को पूजा करने मंदिर जाना था। इसको लेकर हमलोग नहाकर तैयार होने जा रहे थे। इसी बीच मां ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। मेरे द्वारा बार-बार कहने के बाद भी गेट नहीं खुला तो इसकी सूचना मैंने पिता को फोन के माध्यम से दी। आसपास के लोगों के साथ पापा और दादा घर पर पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा तो देखा कि मां का शव फंदे से लटक रहा है।
पांच साल पहले गुंजा के छोटे भाई सुशील की दिल्ली में हो गई थी मौत, तब से भाई-बहन में होता था झगड़ा
गुंजा अपने पीछे एक बेटा और तीन बेटियां छोड़ गईं। उनकी बेटी अनीसा कुमारी ने बताया कि 5 वर्ष पहले मेरे छोटे मामा सुशील शर्मा का दिल्ली में देहांत हो गया था। इसको लेकर मां चिंता में रहती थी और बीमार भी रहने लगी थी। छोटे मामा की मौत की चर्चा जब भी वो बड़े मामा अनिल शर्मा से करती थी तो बड़े मामा मां से झगड़ा करने लगते थे। कुछ दिन पहले दोनों में लड़ाई के दौरान मामा ने मां से कहा कि भाई मर गया, अब तुम भी जहर खाकर मर जाओ। परिजनों ने बताया कि छोटे भाई की मौत से वो सदमे में चली गई थी। उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। पिछले 2 साल से उनका इलाज भी चल रहा था।
