पटना। बिहार के प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुश खबरी है। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के चलते भले ही कक्षाओं में पढ़ाई करने नहीं आ रहे हों पर उन्हें छात्रवृत्ति, पोशाक, प्रोत्साहन, साइकिल एवं नैपकिन (कक्षा 6 से 12 तक की लड़कियों के लिए स्कीम) जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना पड़ेगा। सरकार चालू वित्तीय वर्ष के लिए सभी विद्यार्थियों के लिए 75 फीसद उपस्थिति की अनिवार्यता शिथिल कर उनके बैंक खाते में इसी माह सहायता राशि ट्रांसफर करने जा रही है। सरकार के इस कदम से राज्य के 78456 सरकारी विद्यालयों में नामांकित 1 करोड़ 66 लाख विद्यार्थियों को सीधे लाभ पहुंचेगा।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों का डाटा इंट्री को विभागीय मेधासॉफ्ट पोर्टल पर 15 दिसंबर तक अपलोड करने का आदेश दिया है। अभी तक 90 फीसद विद्यार्थियों की डाटा इंट्री पोर्टल पर अपलोड हो चुकी है। बाकी 10 फीसद विद्यार्थियों की डाटा इंट्री सप्ताह भर में सुनिश्चित हो जाएगी। इस पोर्टल से विद्यार्थियों के बैंक खाते को लिंक कर सहायता राशि भेजने में सहूलियत होगी। प्रधान सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि लाभुकों के डिटेल डाटा 'मेधासॉफ्ट' पर निश्चित रूप से अपलोड करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो जिम्मेवारी तय कर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। पोर्टल पर सभी जिलों के स्तर से सामान्य वर्ग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के आंकड़े अलग-अलग अपलोड किए जा रहे हैं। इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि इस वर्ग के कितने विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला।
ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था
शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि जब ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था चल रही है तो फिर कक्षाओं में बच्चों के लिए 75 फीसद उपस्थिति की अनिवार्यता की जरूरत नहीं है। सरकार की प्राथमिकता कल्याणकारी योजनाओं से सभी बच्चों को लाभान्वित कराना है। इसके लिए जो भी उचित कदम उठाना पड़ेगा, उस पर अमल कराया जाएगा।
