पटना. बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद नई सरकार का गठन हो चुका है. अब सूबे में पंचायत चुनाव (Panchayat elections in Bihar) करवाए जाने की कवायद शुरू हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग (Bihar Election Commission) ने मार्च से मई के बीच त्रिस्तरीय पंचायतों और ग्राम कचहरियों के चुनाव होने की संभावना जताई है. जानकारी के अनुसार, यह 9 चरणों में आयोजित किए जा सकते हैं. चुनाव आयोग के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और एसपी को पत्र लिखकर यह जानना चाहा कि आपके क्षेत्र में कितने चरणों में चुनाव हो सकता है.
बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इसकी जानकारी दो सप्ताह के अंदर आयोग को सौंपी जाए ताकि समयबद्ध चुनाव की योजना बनाई जा सके. चुनाव आयोग से जो खबरें मिल रही हैं, इसके अनुसार इस बार पंचायत चुनाव में विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ जाएगी, जिसके कारण मतदान कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की संख्या भी बढे़गी.
बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इसकी जानकारी दो सप्ताह के अंदर आयोग को सौंपी जाए ताकि समयबद्ध चुनाव की योजना बनाई जा सके. चुनाव आयोग से जो खबरें मिल रही हैं, इसके अनुसार इस बार पंचायत चुनाव में विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ जाएगी, जिसके कारण मतदान कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की संख्या भी बढे़गी.
बिहार में 2021 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है. सूत्राें का कहना है कि आयोग विचार कर रहा है कि पंचायत चुनाव अधिकतम 9 चरणों में हो. अनुमंडल मुख्यालय में पंचायत चुनाव 2021 की मतगणना करायी जाएगी. पंचायत चुनाव को लेकर जारी विज्ञप्ति में राज्य निर्वाचन आयोग (बिहार) ने राज्य के सभी 38 जिलों के जिलाधिकारी को जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) एवं जिला पंचायतीराज पदाधिकारी को जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी नामित किया. बिहार पंचायतीराज अधिनियम, 2006 एवं बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 के तहत आयोग ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है.
आयोग के एक अन्य निर्देश में कहा गया है कि सभी जिला पदाधिकारी और जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को वर्ष 2021 में मार्च-मई के बीच त्रिस्तरीय पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों का आम चुनाव कराए जाने की संभावना है. पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या विधानसभा चुनाव के मतदान केंद्रों की तुलना में अधिक हो जाती है. जिससे मतदानकर्मियों एवं सुरक्षा बलों की आवश्यकता भी बढ़ जाती है.बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि पंचायत चुनाव केंद्रीय अर्द्वसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति को लेकर सरकार को पत्र लिखा जा रहा है. इसकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद सभी जिलों को इसकी सूचना दी जाएगी.
आयोग के एक अन्य निर्देश में कहा गया है कि सभी जिला पदाधिकारी और जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को वर्ष 2021 में मार्च-मई के बीच त्रिस्तरीय पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों का आम चुनाव कराए जाने की संभावना है. पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या विधानसभा चुनाव के मतदान केंद्रों की तुलना में अधिक हो जाती है. जिससे मतदानकर्मियों एवं सुरक्षा बलों की आवश्यकता भी बढ़ जाती है.बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि पंचायत चुनाव केंद्रीय अर्द्वसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति को लेकर सरकार को पत्र लिखा जा रहा है. इसकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद सभी जिलों को इसकी सूचना दी जाएगी.
