ठंड में बच्चों के पोषण एवं पहनावे पर दें विशेष ध्यान - सिविल सर्जन
- खाने-पीने की आदतों में बदलाव आवश्यक
- पहनावे में भी करें जरूरी सुधार
- ठण्ड में जरूरी है पोषण से भरपूर आहार
सहरसा, 17 नवम्बर।
ठंड में खासकर बच्चों को फ्लू, सर्दी-जुकाम सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्यों का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे आसानी से इसकी चपेट में आ जाते हैं। इन परिस्थितियों में बच्चें के पोषण एवं पहनावे पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
खाने-पीने की आदतों में बदलाव आवश्यक है-
सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार ने बताया कि बढ़ते ठंड में बच्चों की खाने-पीने की आदतों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्हें आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि ठंडी चीजों से दूर रखें। बच्चे ठंड में कम पानी पीते हैं। ऐसे में उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। इसलिए ठंड में उन्हें अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे- दूध , गर्म पानी देते रहना आवश्यक है ताकि उनके शरीर में पानी की मात्रा कम न होने पाये।
पहनावें में भी करें आवश्यक सुधार।
डा. अवधेश कुमार ने कहा कि बढ़ते ठंड में बच्चों के पहनावे में भी आवश्यक सुधार करना आवश्यक है। बड़े बच्चों के मुकाबले छोटे बच्चों को सर्दी जल्दी लगती है, ऐसे में उन्हें पूरी बांह के कपड़े और गर्म कपड़ों से सिर, पैर और कानों को ढककर रखना जरूरी है। ठंडी हवाओं में नमी की मात्रा कम होने से बच्चों की त्वचा शुष्क हो जाती है। जिससे बच्चों की त्वचा पर चकते हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को सूती कपड़े पहनाएँ और उसके ऊपर शरीर गर्म रखने के लिए उनी कपड़े पहनायें। बड़े बच्चों को भी घर से अनावश्यक बाहर जाने से रोकें।
आवश्यक है पोषण से भरपूर आहार
डा. अवधेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि बढ़ते ठंड में बच्चों को उचित पोषण मिलना नितांत आवश्यक है। बच्चों के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने के लिए आवश्यक है उनका उचित पोषण होता रहे। बढ़ते बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता घटते-बढ़ती रहती है। बढ़ते बच्चों के लिए प्रोटीन आवश्यक है इसके लिए उन्हें दूध, पनीर, अंडा, दाल आदि का सेवन करवाना आवश्यक है। वहीं बच्चों के विकास के आवश्यक सूक्ष्म तत्व जैसे आयरन, जिंक, विटामिन डी, विटामिन ए आदि मिलता रहे इसके लिए उन्हें पत्तेदार सब्जियाँ, मछली, फल आदि खिलाना आवश्यक है। इन सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता शरीर को कम ही मात्रा में है किन्तु शरीर में इनकी कमी के दूरगामी प्रभाव दिखने को मिलते हैं। ऐसे में आवश्यक है बच्चों को पोषण से भरपूर आहार मिलता रहे।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।
