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Sunday, November 22, 2020

BIHAR:पूर्णिया में बनेगा देश का पहला मॉडल PPTCT सेंटर, जानिए क्या है खास


कटिहार [नीरज कुमार]। संक्रमित मां से नवजात शिशु के एचआइवी संक्रमित होने के खतरे के दर को शून्य स्तर तक लाने के लिए देश का पहला मॉडल प्रिवेंटिव ऑफ पायरेंट्स टू चाइल्ड टांसमिशन पीपीटीसीटी सेंटर पूर्णिया जिले के बनमनखी में खोला जाएगा। कटिहार सहित सीमांचल के जिलों में एचआइवी संक्रमितों की संख्या तथा संक्रमित मां से शिशु में संक्रमण के दर को देखते हुए पूर्णिया में मॉडल सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। मॉडल सेंटर बिहार राज्य एड्स समिति द्वारा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से किया जाएगा।

सीमांचल के जिलों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व एचआइवी जांच इस केंद्र पर करने के साथ ही गर्भवती महिला के संक्रमित पाए जाने पर नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए एआरटी दवा दिए जाने के साथ सुरक्षित प्रसव विशेषज्ञ चिकित्सकों की देख रेख् में कराई जाएगी।

संक्रमित मां से नवजात को संक्रमित होने से सुरक्षित रखने के लिए कई जिलों में पीपीटीसीटी सेंटर शुरू किया गया है। एचआइवी जांच एवं संक्रमित होने की स्थिति में आवश्यक दवा के लिए अलग अलग जगहों पर भेजा जाता है। वहीं अधिकांश गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व एचआइवी जांच नहीं हो पाती है। इस कारण संक्रमित मां से नवजात बच्चों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। एचआइवी संक्रमण के कारण शिशु मृत्यु दर भी तेजी से बढ़ रहा है। पूर्णिया में मॉडल सेंटर बनने से एक ही केंद्र में सभी तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जनवरी माह के अंत तक मॉडल सेंटर चालू होने की संभावना है।

95 प्रतिशत गर्भवती का एचआइवी जांच का लक्ष्य

पायरेंट्स टू चाइल्उ ट्रांसमिशन से संबंधित केस को खत्म करने के लिए 95 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व एचआइवी जांच कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के एएनसी निबंधन का प्रतिशत भी इस वर्ष अंत तक 95 प्रतिशत किया जाएगा। वर्तमान में गर्भवती महिलाओं के एएनसी निबंधन का प्रतिशत 80 प्रतिशत ही है। इसमें भी महज 68 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व एचआइवी जांच हो पा रही है। कटिहार में एएनसी निबंधन 60 एवं प्रसव पूर्व एचआइवी जांच का प्रतिशत 56 है। दिसंबर माह तक यह आंकड़ा 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

हमसाथी एप भी हो चुका है लांच

पायरेंट्स टू चाइल्ड ट्रांसमिशन की रोकथाम के लिए एक वर्ष पूर्व हमसाथी एप लांच किया गया था। कॉलेज विद्यार्थियों को इस मोबाइल एप के माध्यम से एचआइवी से संबंधित जानकारी प्रश्नोत्तरी के माध्यम से देने का काम किया गया। बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों के 50 लाख से अधिक कालेज विद्यार्थियों को हमसाथी एप के माध्यम से जागरूक किया गया।

संक्रमित मां से नवजात बच्चों के एचआइवी संक्रमित होने के खतरे को शून्य स्तर तक ले जाने के लिए कई जिलों में पीपीटीसीटी सेंटर की शुरूआत की गई है। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से यूनिसेफ द्वारा पूर्णिया में देश का पहला मॉडल सेंटर बनाया जाएगा। मॉडल सेंटर में प्रसव पूर्व जांच में गर्भवती महिला के एचआइवी संक्रमित पाए जाने पर इससे संबंधित सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

डा. सैयद हुब्बे अली, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, यूनिसेफ, बिहार