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Sunday, October 4, 2020

बड़ी खबर/पूर्णियां:अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो की गूंज से गूंजा रूपौली,शहीद होने से पूरे रूपौली एवं कुर्सेला में शोक व्याप्त।

पूर्णिया। असम के बंसुलिया स्थित सीमा पर राजपुताना राइफल्स की 14वीं बटालियन में कार्यरत कोशकीपुर गांव स्थित पंचखुंटी टोला के जवान राहुल सिंह (24 वर्ष) के शहीद होने की खबर से पूरे रूपौली एवं कुर्सेला में शोक व्याप्त हो गया है। उनका शव जैसे ही उनके घर पहुंचा, वैसे ही हजारों की संख्या गमगीन लोग अंतिम-दर्शन के लिए उमड़ पडे़। कुर्सेला एनएच 31 से लेकर रूपौली सीमा तक लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में हजारों लोग बाइक, चार पहिया, साइकिल, पैदल उनके दर्शन के लिए लोग घंटों से खडे़ थे । पंचखुटी टोला निवासी नरेश सिंह एवं बेबी देवी की पांचवीं संतान राहुल सिंह वर्ष 2015 में सेना में नियुक्त हुए थे । वे अभी भारत-चीन सीमा पर अरूणाचल प्रदेश में 14वीं बटालियन में तैनात थे । मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।

शहीद राहुल सिंह को बटालियन के चार जवान ट्रेन से कटिहार बीआरओ पहूंचे थे, जहां से फौजी वाहन को सजाकर उनके पार्थिव शरीर को लगभग डेढ़ दर्जन जवान लेकर उनके गांव पंचखुटी पहुंचे थे । जिसमें सेना के अधिकारी जेसीओ संजीव कुमार कमांड कर रहे थे। पार्थिव शरीर जैसे ही कुर्सेला की सीमा पर पहुंचा वैसे ही यहां लाउडस्पीकर पर अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों की गूंज उठा । जगह-जगह तोरण-द्वार बनाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया जा रहा था ।

सेना के जवानों ने 21 तोपों की दी सलामी-

राहुल सिंह का अंतिम-संस्कार कुर्सेला पुल के पास कोसी नदी के किनारे किया गया। उनकी अंतिम विदाई सेना के जवानों ने उल्टा शस्त्र कर दी तथा 21 गोलियों से सलामी दी । छोटे भाई रोशन सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी । राहुल पर ही था परिवार का भार- माता-पिता के नौ संतानों में राहुल पांचवीं संतान थे। उनके चार बहनों की शादी हो चुकी है। उनपर एक भाई, तीन बहन, लकवाग्रस्त पिता एवं माता का दायित्व था । उनकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। गांव के शंकर सिंह बताते हैं कि राहुल की मौत से यह परिवार पूरी तरह से विखर गया है । कमानेवाला बस वही था। राहुल इतना अच्छा व्यवहार कुशल था कि उसके अंतिम-दर्शन के लिए सीमा क्षेत्र के हजारों लोग उमड़ पडे़। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा पर नौकरी के साथ-साथ अन्य सुविधाएं दे, ताकि इस बिखरे परिवार को राहत मिल सके ।