तिनका तिनका जोड़कर लोगों ने पक्का मकान बनाया लेकिन कनकई के कहर ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया. स्थानीय पीड़ित जाकिर ने कहा कि अब तक ताराबाड़ी व चनकी पंचायत में दर्जनों मकान और कच्चे घर नदी में कटकर विलीन हो चुके हैं. लेकिन आजतक कोई जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी देखने तक नहीं आये हैं.
इससे पहले भी कई मकान और घर टूट कर नदी में गिर चुके हैं. इसकी सूचना बायसी के विधायक हाजी सुभान और सांसद मोहम्मद जावेद को भी दी गई. स्थानीय प्रशासन को भी इसकी सूचना दी गई, लेकिन आज तक किसी ने सुधि लेने की कोशिश नहीं की है.
कोरोना के कहर के बीच बाढ़ का प्रकोप झेल रहे ग्रामीणों ने इसबार चुनाव में वोट के बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. लोगों ने कहा कि कनकई नदी के कटाव के कारण चंकी और ताराबाड़ी का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है.