सुपौल। बसंतपुर प्रखंड के कोचगामा वार्ड 10 निवासी मु. वशीक अनवर की हत्या का खुलासा आखिरकार 17 दिन बाद हो गया है। इस मामले में जहां दो की गिरफ्तारी हुई है, वहीं तीन आरोपित अभी भी फरार हैं।
गुरुवार को थाना एसडीपीओ रामानंद कुमार कौशल ने कहा कि वशीक की हत्या पांच लोगों ने मिलकर की थी। हत्या का कारण नाजायज संबंध होने की बात सामने आई है। वार्ड सात निवासी अकबर के यहां मु. वशीक का आना-जाना था। जयपुर में भी वशीक और अकबर एक साथ रहते थे। अकबर के यहां आने-जाने के क्रम में अकबर की पत्नी से मु. वशीक का संबंध कायम हो गया, जिसकी भनक अकबर को लग गई। इसके बाद अकबर ने एक योजना के तहत चार अन्य साथियों के साथ मिलकर वशीक की हत्या कर दी।
इस मामले में पुलिस ने अब तक मु. असलम और मु. कुरबान उर्फ सूडन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पांचो शातिर अपराधी रात्रि में वार्ड सात स्थित मिश्रीलाल यादव के झोपड़ी में जुटे और पहले वशीक को कोल्ड ड्रिक में नाईट्रोसेन टेबलेट मिलाकर पिलाया जब वह बेहोश हो गया तो उसकी गला काटकर हत्या कर दी गई। बाद में उसकी लाश सात सितंबर को क्षत-विक्षत स्थिति में मिली थी। वीरपुर थाने में आठ सितंबर को केस दर्ज कराया गया था।
चार सितंबर को घर से गायब मु. वशीक अनवर की शव नगर पंचायत वार्ड सात में हहिया धार के किनारे बने एक झोपड़ी में मिली थी। पुलिस ने लाश बरामदगी के 17 दिनों के बाद ही मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है।