सहरसा। शहर के गंगजला निवासी युवक गौतम कुमार पटेल के अपहरण की शिकायत गुरुवार को पुलिस को जैसे ही मिली कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मधेपुरा जिला से बरामद कर लिया और इस मामले में एक आरोपित को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन जब बरामद युवक और आरोपित से पूछताछ की गई तो अपहृत युवक ठग निकला। उसने लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की थी। इसके बाद आरोपित के आवेदन पर सदर थाना में अपहृत युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अपहृत युवक और अपहरण के आरोपित दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इधर, गंगजला निवासी आरती देवी ने गुरुवार को यह शिकायत की थी कि उनके पति गौतम कुमार मधेपुरा जाने की बात कहकर बुधवार को घर से निकले थे, मगर लौटकर नहीं आए। इसी बीच फोन आया और एक लाख रुपये की डिमांड की गई। ऐसे में अपहरण की आशंका जताते हुए पति के बरामदगी का अनुरोध किया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने अपहृत को श्रीनगर ओपी के परमानंदपुर से बरामद कर लिया और वहां से एक आरोपित सिटू मंडल को भी हिरासत में ले लिया। मामला अपहरण और फिरौती का रहने के बाद वरीय पुलिस अधिकारी ने जब दोनों से पूछताछ की तो मामला कुछ और ही निकला। आरोपित मधेपुरा जिला के रतवारा गांव निवासी सिटू ने दिए आवेदन में कहा है कि गौतम ने लोन दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी कर ली थी। उनके एक दोस्त अमर शर्मा से भी 70 हजार रुपये ठगी कर लिया था, परंतु न तो लोन दिलाया गया और न ही पैसे वापस किया गया। इसके बाद गौतम पटेल को मधेपुरा बुलाकर पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद गौतम ने एटीएम से 28 हजार रुपये निकालकर वापस भी किया, परंतु शेष राशि मांगे जाने पर उसने अपनी पत्नी को फोन कर दो लाख रुपये भेजने की बात कही। पत्नी ने खाते में भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद रुपये आने का इंतजार कर ही रहे थे कि पुलिस पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। तब पता चला कि गौतम की पत्नी ने अपहरण का मामला दर्ज करा दिया है। उसने बताया कि गौतम विश्व बैंक समेत अन्य बैंक से लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी कर चुका है। यह बातें सामने आने पर अपहृत के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष मो. मजबुद्दीन ने बताया कि मामले में बरामद अपहृत और अपहरण के आरोपित दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।