आरती नहीं लड़े मुखिया का चुनाव, कर दी पति की हत्या
मधेपुरा। शेखपुरा में डबल मर्डर के पीछे पंचायत राजनीति से जोड़कर देखी जा रही है। पुलिस भी इस बिदु पर काम कर रही है। मृतक मंजय की पत्नी आरती देवी पिछले चुनाव में मुखिया पद से चुनाव लड़ी थी। काफी कम मतों के अंतर से पराजित हुई थी। इस साल भी वह चुनाव की तैयारी में लगी थी। विपक्षी को आशंका था कि इस बार उन्हें शिकस्त मिलेगी। यद्यपि पुलिस इसके अलावा भी कई और बिदुओं पर जांच कर रही है। मृतक के भाई कमलेश मेहता ने बताया कि उनका भाई का बिहारीगंज क्षेत्र से कोई-देना नहीं था। फिर वह इधर कैसे पहुंचा। यह भी बड़ा सवाल है। यद्यपि उन्होंने पुरैनी बाजार से ही स्कॉर्पियो वाहन से कहीं जरूरी कार्य से जाने की बातें कहीं थी। इसके बाद वापस नहीं लौटने पर आशंका होने लगी थी। सुबह घटना की जानकारी मिली, तब बिहारीगंज आने पर पता चला कि पुलिस ने दो शव बरामद किया है। स्कॉर्पियो और चालक गायब है। इधर इस घटना से शेखपुरा गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है।
जिले में नहीं थम रहा है खूनी खेल
मधेपुरा। गम्हरिया में हुए दोहरे हत्याकांड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बदमाशों ने शुक्रवार की रात बिहारीगंज में दो हत्या कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। जिसकी हत्या हुई है उसके ऊपर भी कई संगीन मामले दर्ज हैं। फिर भी इस प्रकार लगातार हो रही हत्याओं से लोग सकते में हैं। डर का माहौल है।
मालूम हो कि अपराध में वृद्धि को लेकर ही पिछले दिनों एसपी का तबादला किया गया है। उसके बाद भी अपराध में कमी नहीं आने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। पुलिस ने जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी की बात कही है। वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।
मालूम हो कि शुक्रवार की रात्रि बिहारीगंज थाना क्षेत्र के शेखपुरा-कठौतिया मार्ग पर नहर के समीप पुरैनी थानाक्षेत्र के चटनमा निवासी मंजय मेहता उर्फ मनोज मेहता (40) व बंशगोपाल वार्ड छह चटनमा निवासी प्रफुल्ल सिंह (38) को दमाशों ने गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी। हत्या के बाद जिले में डर का माहौल है। गम्हरिया हत्याकांड का मुख्य आरोपित है पुलिस पकड़ से बाहर
14 सितंबर को गम्हरिया में तीन लोगों को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। इसमें दो की मौत हो गई थी। तीसरे का इलाज दरभंगा में चल रहा है। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपित अंशु यादव की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। हत्याकांड के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन अब तक पुलिस मुख्य आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं एक माह पहले गम्हरिया में ही जदयू प्रखंड अध्यक्ष आशोक यादव की भी बदमाशों ने हत्या कर दी थी।
एक माह में हो चुकी हैं सात हत्याएं एक माह के दौरान जिले में सात हत्याएं हो चुकी हैं। गम्हरिया में जहां दो लोगों की एक ही दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, पुरैनी में मस्जिद विवाद को लेकर एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं कुमारखंड में जमीन विवाद को लेकर 20 सितंबर को सौतेली मां की हत्या कर शव को पोखर में फेंक दिया गया था। वहीं, मुरलीगंज में भी सात सितंबर को अर्चना देवी की हत्या कर दी गई थी।