मधेपुरा। थाना क्षेत्र के भतनी ओपी अंतर्गत बिशनपुर सुंदर पंचायत में सड़क दुर्घटना के दौरान बाइक की टक्कर से जख्मी बीरबल यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत के बाद स्वजनों ने बाइक चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवदाह करने से इंकार कर दिया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अंचलाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के छह घंटे बाद स्वजनों ने मृतक का शवदाह किया।
जानकारी के अनुसार, बीते माह 29 अगस्त की शाम पंचायत के वार्ड संख्या नौ निवासी बीरबल यादव सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वार्ड संख्या 10 निवासी प्रदीप सरदार पिता बहादुर सरदार तेज गति में बाइक से भतनी की ओर जाते समय बीरबल यादव (40) व नीतीश कुमार को ठोकर मार दी। इससे बीरबल यादव का सिर फट गया व सीने में चोटें आई। नीतीश कुमार आंशिक रूप से जख्मी हुआ। मौके पर ग्रामीणों ने बाइक चालक को पकड़ लिया। बीरबल यादव के स्वजनों ने बाइक को पुलिस के हवाले कर थाने में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था। जख्मी की हालत गंभीर देखकर पुलिस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया गया था। जहां से बीरबल को गंभीर स्थिति देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था। सदर अस्पताल मधेपुरा में भी चिकित्सकों ने उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। इस बीच प्रदीप सरदार जख्मी बीरबल यादव के परिजनों के विरूद्ध मारपीट कर बाइक छीन लेने के आरोप में भतनी ओपी अध्यक्ष के पास प्राथमिकी दर्ज कराने गया था। ओपी अध्यक्ष ने जख्मी के विरूद्ध आवेदन लेने से इंकार करने पर पुलिस अधीक्षक के को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। इसी बीच पटना में शुकवार की सुबह बीरबल की मौत हो गई। मौत के बाद ग्रामीण सहित स्वजनों का गुस्सा भड़क गया। लोगों ने युवक के गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवदाह करने से इंकार कर दिया। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी जयप्रकाश राय, प्रखंड विकास पदाधिकारी पंकज कुमार, भतनी ओपी अध्यक्ष रमेश कुमार, पुअनि केके पाठक, सअनि अनिल भारती सहित अन्य लोग पहुंचे। वहीं जानकारी मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय नारायण यादव ने दोषी के विरूद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं सीओ ने आपदा प्रबंधन के तहत अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराने व बीडीओ ने लक्ष्मीबाई पेंशन तथा पारिवारिक लाभ योजना के तहत राशि मुहैया कराने के घोषणा के बाद स्वजन ने शवदाह किया। मौके पर दिनेश चौधरी, प्रमुख प्रतिनिधि पिटू यादव, मुखिया प्रदीप यादव, सियाराम यादव, मुखिया लीलानंद साह, उमाकांत यादव, अरूण यादव, रामसेवक यादव, अशोक यादव, मुखिया फिरोज, पंसस सुरेंद्र सरदार, जयकात यादव आदि मौजूद थे।