खगड़िया। महेशखूंट थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी आर्मी के नायक सूबेदार खगेश पासवान व उनके बड़े पुत्र हिमांशु कुमार का शव गांव पहुंचते ही स्वजनों में चीख पुकार मच गई। मदारपुर गांव में शोक की लहर फैल गई। किसी के घर में चूल्हे नहीं जले। शनिवार को सेना यूनिट के अधिकारी मदारपुर पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। मृतक जवान को सलामी दी गई। उसके बाद एक साथ पिता व पुत्र का अंतिम संस्कार संसारपुर बूढ़ी गंडक घाट पर किया गया। मृतक नायक की पत्नी निशा देवी ने इसे दुर्घटना मानने से इंकार किया है। उनका कहना है कि उनके पति जम्मू कश्मीर के सूरनपुर में पोस्टेड थे। मैं अपने तीनों पुत्रों को लेकर एनजीपी में रहती थी। तीनों पुत्र वहीं पढ़ाई करते थे। हिमांशु बीए फाइनल का छात्र था। कुछ दिनों पूर्व नायक छुट्टी लेकर एनजेपी आए थे और अपने पिता से मिलने कार से बड़े पुत्र हिमांशु के साथ मदारपुर गांव आ रहे थे। दो- दिन पूर्व उनसे बात हुई थी और वे नवगछिया के पास थे। उसके बाद न वे घर पहुंचे और न उनसे बात हो सकी। जिसकी सूचना मदारपुर में देने के साथ उनकी खोज की जा रही थी कि शुक्रवार को थाना बिहपुर पुलिस के द्वारा एक गड्ढे से शवों को बरामद करने की बात कही गई। मृतक की पत्नी का कहना है कि उन्हें आशंका है कि किसी ने उनके पति व पुत्र की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप दे दिया है। उनका कहना है कि जिस जगह शव मिला है वहां पानी गहरा नहीं है। वे फौजी थे। वे तैरना जानते थे। हिमांशु भी तैराकी जानता था। शव जब पानी के ऊपर आया तब पुलिस को पता चला। उन्होंने इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इधर पुत्र व पोते का शव देख शिव नारायण पासवान काफी दुखी थे।