बिहार के अररिया जिले में एक नाबालिग लड़की को भगाने पहुंचा युवक ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। फिर क्या था आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने इस युवक को खूंटे में बांधकर रातभर पिटाई की। घटना रानीगंज थाना क्षेत्र के परसाहाट पंचायत स्थित एक गांव में शनिवार की देर रात की है। उधर सूचना पर रानीगंज थाना पुलिस भी देर गांव पहुंची और युवक को कब्जे में लेने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों के आगे उनकी एक न चली।
रविवार की सुबह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस की पहल पर युवक को मुक्त किया गया। इसके पुलिस ने घायल युवक को कब्जे में लेते हुए इलाज के लिए रानीगंज रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा युवक संतोष यादव बगुलाहा वार्ड तीन के महाकान्त यादव का बेटा है।
मामले को शांत कराने और युवक को बचाने में बगुलहा पंचायत के सरपंच भवेश कुमार उर्फ पप्पू, गौरव यादव व अन्य जनप्रतिनिधियों की भूमिका रही।
क्या है पूरा मामला:
रानीगंज थाना क्षेत्र के बगुलाहा पंचायत के वार्ड संख्या तीन निवासी महाकान्त यादव के पुत्र संतोष यादव का परसाहाट पंचायत के एक गांव की एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बीते जुलाई महीने में संतोष यादव लड़की को लेकर फरार हो गया था। इसके बाद लड़की के पिता ने रानीगंज थाना में संतोष यादव, उनके जीजा रमन यादव और माँ सविता देवी पर अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में रानीगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए 17 अगस्त को नाबालिग लड़की को रानीगंज बस स्टैंड से बरामद किया था। मामले में लड़की का न्यायालय में बयान के बाद लड़की को उनके मां बाप के हवाले कर दिया गया। इस बीच शनिवार की देर रात को संतोष यादव लड़की के घर पहुंचकर एक बार फिर उसे भगाने पहुंचा था। इस दौरान संतोष यादव को लड़की के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने दबोच लिया। इसके बाद हाथ पैर खूंटे से बांधकर रातभर पिटाई की गई। युवक की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। मामले को लेकर रानीगंज थानाध्यक्ष श्यामनंदन यादव ने बताया कि शनिवार की देर रात को युवक को छुड़ाने के लिए रानीगंज पुलिस पहुंची थी लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के आक्रोश के कारण वापस आ गयी। इसके बाद रविवार की सुबह युवक जनप्रतिनिधियों की मदद से सकुशल मुक्त कर लिया गया है। युवक की पिटाई हुई है। मेडिकल के बाद युवक को न्यायिक हिरासत में अररिया भेजा जायेगा।