भागलपुर। हबीबपुर थाने के चालक शेख अफसार हत्याकांड में गिरफ्तार बप्पी पासवान का आतंक भागलपुर से बांका जिले तक पसरा था। भागलपुर-अमरपुरमार्ग पर सवारी और मालवाहक गाडिय़ां बिना रंगदारी दिए आगे बढ़ नहीं बढ़ सकती थीं। गौराचौकी के पास एक झोपड़ी में बप्पी और उसके गुर्गे डेरा डाले रहते थे, जहां सभी वाहनों के चालक पहले से तय रंगदारी की रकम खुद उतर कर दे देते थे। ऑटो, टोटो, मैजिक से दस रुपये, ट्रैक्टर और ट्रक से सौ रुपये की वसूली की जाती थी। बालू लदे वाहनों से ज्यादा वसूली होती थी।
पिता शिवा पासवान पर दर्ज थे एक दर्जन से अधिक मामले
बप्पी के पिता शिवा पासवान का अतीत दागदार रहा है। उसके विरुद्ध एक दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। इलाके में अपने दबदबे के बूते वह पूर्व में अपनी पत्नी को मुखिया का चुनाव भी जिता चुका है। बेटे का प्रभाव इलाके में बढ़ा तो शिवा ने खुद को समेट लिया। अब वह इलाकाई विवादों की पंचायत तक खुद को सीमित कर रखा है।
मुख्य आरोपित गिरफ्तार
हबीबपुर थाने के चालक शेख अफसार की हत्या में गौराचौकी गांव के कुख्यात बप्पी पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह इलाके के पुराने दागी रहे शिवा पासवान का बेटा है। उसने अफसार की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसके विरुद्ध मोटरसाइकिल लूट, रंगदारी, चोरी के तीन मामले कजरैली थाने में दर्ज हैं। बप्पी ने पूछताछ में हत्या में शामिल तीन अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। उसकी निशानदेही पर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
सिटी एएसपी पूरन कुमार झा के नेतृत्व में एसआइटी ने शुक्रवार की देर रात गौराचौकी गांव में छापेमारी की थी। एसएसपी आशीष भारती ने एसआइटी में शामिल पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
10 सितंबर की रात कजरैली थाना क्षेत्र के गौराचौकी में चालक शेख अफसार की हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बाइक लूटने के दौरान विरोध करने पर नजदीक से गोली मारी दी थी। शव को भागलपुर-कजरैली मुख्य मार्ग में गौराचौकी के समीप फेंक दिया था। अफसार नवगछिया के गोपालपुर बड़ी मकंदपुर का रहने वाला था।
अफसार के पिता शेख कासिम ने हबीबपुर थाने के गश्ती दल प्रभारी एएसआइ जंगेश्वर यादव पर साजिश रचकर बेटे की हत्या कराने का आरोप लगाया था। थाने में लिखित आवेदन भी दिया था, जिसे गायब कर पुलिस ने कजरैली थाने के एएसआइ राजकिशोर ठाकुर के फर्द बयान केस दर्ज किया था।