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Wednesday, September 16, 2020

बिहार चुनाव 2020: चुनाव आयोग ने पप्पू को 'कैंची' तो मांझी को पकड़ा दी 'कड़ाही', इनके भी बदले सिंबल

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) की तैयारियों में जुटी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों को चुनाव आयोग (Election Commission) ने इलेक्शन सिंबल (Election Symbol) अलॉट कर दिया है. मंगलवार को आयोग ने राज्य की 12 क्षेत्रीय दलों को उनका नया चुनाव चिन्ह दिया. पूर्व सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की जन अधिकार पार्टी (लो) को कैंची चुनाव चिन्ह, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की हिंदुस्तानी आवाम पार्टी को कड़ाही, जनता दल राष्ट्रवादी को डोली, भारतीय लोकनायक पार्टी को रोड रोलर का चुनाव सिंबल दिया गया है. जबकि आम जनता पार्टी राष्ट्रीय को चप्पल निशान मिला है.
पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी (लो) का नया चुनाव चिन्ह कैंची होगा. मंगलवार को जेएपी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से उनकी पार्टी का चला आ रहा हॉकी इलेक्शन सिंबल आज की तारीख से खत्म हो गया. अब जेएपी पार्टी का नया चुनाव चिन्ह कैंची छाप है. उन्होंने कहा कि पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर कैंची चुनाव चिन्ह के साथ अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी.

पप्पू यादव ने JAP का नया इलेक्शन सिंबल मिलने पर जताई खुशी
पूर्व सांसद ने नया चुनाव चिन्ह मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कैंची के सहारे बिहार की जनता भ्रष्ट्राचारियों और लुटेरों के पर कतरेगी. हमारा प्रयास होगा कि कैंची राज्य के लोगों का अपना चुनाव चिन्ह हो. कैंची इस बार जनता के सामने एक विकल्प के रूप में होगी. आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत तय है. जेएपी के एक-एक कार्यकर्ता बिहार में बदलाव के वाहक बनेंगे. उन्होंने कहा कि नया चुनाव चिन्ह मिलने से लोगों को हमें समझने में सहूलियत होगी.जेएपी के शीर्ष नेताओं ने भी कैंची चुनाव चिन्ह मिलने पर खुशी व्यक्त किया. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचंद सिंह ने बताया कि अब से पार्टी का चुनाव चिन्ह कैंची है. आगामी विधानसभा चुनाव में कैंची लोगों की पहली पसंद बनेगी. वहीं जेएपी के राष्ट्रीय महासचिव एजाज अहमद ने खुशी जताते हुए कहा कि कैंची, प्रदेश के सभी शोषित और वंचित लोंगों का अपना चुनाव चिन्ह होगा. (धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट)