सहरसा। पीएचसी पंचगछिया में महिला चिकित्सक की पदस्थापना नहीं रहने से इस क्षेत्र की महिला मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। महिला चिकित्सक के नहीं रहने से वह अपनी समस्या अन्य चिकित्सक के सामने नहीं बता पाती हैं। एएनएम से समस्या साझा तो करती है, परंतु संतुष्ट नहीं हो पाती है।
जिला पार्षद प्रियंका आनंद बताती हैं कि आधी आबादी के उत्थान के लिए सरकार दावा करती है, किंतु महिलाओं की जनसंख्या 50 हजार से अधिक रहने के बावजूद पीएचसी पंचगछिया में महिला चिकित्सक की पदस्थापना नहीं है। बरहशेर की मुखिया लिली पांडे, सत्तर की मुखिया विजय लक्ष्मी, रकिया की मुखिया निक्की देवी, बारा के पैक्स अध्यक्ष कविता झा ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न महिला मरीज जिला स्थित महिला चिकित्सक से अपनी इलाज करवा लेती है। मगर आर्थिक संकट से जूझ रही सैकड़ों महिला मरीज अपनी अंदरूनी बीमारियों की इलाज के लिए पीएचसी तो जाती है। कितु संकोच बस पुरुष चिकित्सक को नहीं बता पाती है। परिणाम स्वरूप बिना इलाज के ही वापस लौट जाती है।
------------
कोट
प्रारंभिक दौर से ही पीएचसी पंचगछिया में महिला चिकित्सक पदस्थापित नहीं है। बावजूद महिला मरीजों को एएनएम के माध्यम से सारी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। विशेष परिस्थिति में सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया जाता है।
डॉ. रमेश सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , पीएचसी पंचगछिया।