कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले में लगाए गए एक सप्ताह के लॉकडाउन के पहले दिन शुक्रवार को शहर की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया। लॉकडाउन के कारण शहर की सभी दुकानें बंद रही। सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी 90 फीसदी कम हो गयी। दवा दुकानों खुली रही। जबकि आवश्यक वस्तुओं की दुकानें निर्धारित समय पर खुली और फिर बंद हो गयी। लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सुबह से ही शहर की सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती रही। पदाधिकारी समय-समय पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में गश्त लगाते हुए स्थिति का जायजा लिया।
सड़क पर बिना मास्क के निकले लोगों से जुर्माना भी वसूल किया गया। वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाए जाने के बाद भी शहर के कॉलेज चौक पर शुक्रवार को दिनभर निजी और सवारी वाहनों को वापस लौटा दिया गया। सिंहेश्वर की ओर जाने आने वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के कारण जरूरी काम से सफर करने वाले लोगों को परेशान होना पड़ा। लॉकडाउन की आड़ में एक बार फिर कई जगहों पर पुलिस की मनमानी सड़कों पर दिखायी देने लगी। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी लॉकडाउन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अन्य निजी वाहनों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के पास यात्रा के औचित्य से संबंधित साक्ष्य होना जरूरी है।
शहर में आने वाले यात्री वाहनों में बस, टेम्पो, ई रिक्सा का ठहराव चिह्नित स्थलों पर ही होगा। एमवीआई ने भी कहा कि सवारी वाहनों के परिचालन पर रोक नहीं लगायी गयी है। वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की बाध्यता रहेगी। बावजूद इसके कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही के सवाल पर पुलिस कर्मियों की मनमानी दिखायी दी। जानकारी हो कि डीएम ने कोरोना संक्रमण को लेकर बरती जा रही लापरवाही और संक्रमितों की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लेते हुए 16 जुलाई तक जिले में लॉकडाउन लगाने का आदेश जारी किया है।