कटिहार। कोरोना का भय रिश्ते-नातों को भी तार-तार करने लगा है। सहमे लोग अपनों से किनारा करने लगे हैं। कुछ ऐसा ही वाकया मंगलवार को कटिहार में हुआ। कोरोना से संक्रमित एक युवक का शव लेने से ही स्वजनों ने इंकार नहीं किया, बल्कि वे उसके अंतिम संस्कार में भी शरीक होने से मना कर दिया। वैसे विभाग यह कोशिश में है कि स्वास्थ विभाग की निगरानी में होने वाले दाह संस्कार में स्वजन भी शामिल हो। इसके लिए फिलहाल मंगलवार की रात तक के लिए शव को सदर अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है।
बता दें कि बारसोई के शिवानंदपुर गांव के एक 40 वर्षीय कोरोना संक्रमित युवक की सोमवार को मधेपुरा मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनकी पत्नी शिक्षिका है। इधर मंगलवार को उसका शव मधेपुरा से कटिहार सदर अस्पताल लाया गया। यहां मृतक के युवक ने शव लेने या उसके दाह संस्कार में सहभागिता से पूरी तरह इंकार कर दिया।
किसी भी संक्रमित व्यक्ति का शव किसी के परिजनों को सीधे नहीं सौंपा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में पूर्ण एहतियात के साथ शव का अंतिम संस्कार होना है। इसमें स्वजनों को भी शरीक होने को कहा जाता है और उनकी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार सरकार की गाइड लाइन के अनुसार किया जाता है। यहां शव आते ही स्वजनों से इसमें फिलहाल अपनी सहभागिता से भी इंकार कर दिया है। विभागीय अधिकारी ने मंगलवार की रात तक परिजनों को सोचने का वक्त दिया है।