मधेपुरा रेल कारखाना में विश्वस्तरीय 12 हॉर्स पावर क्षमता वाली शक्तिशाली एसी इंजन विद्युत इंजन निर्माण जोरों से होने लगा है। ढाई महीने में अब तक 24 एसी विद्युत इंजन तैयार कर भारतीय रेल की पटरी पर दौड़ाने के लिए निकाला जा चुका है।
बुधवार को पांच और एसी विद्युत इंजनें कारखाना से निकाली गई। सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन चलकर यूपी के सहारनपुर गई। सहारनपुर से इंजनों को भारतीय रेल की पटरी पर मालगाड़ियों में लगाकर चलाया जाएगा। कारखाना से बीते 13 मई से निकली इंजनें मालगाड़ियों में लगकर मुगलसराय, सहारनपुर, झारखंड, पानीपत सहित नॉर्दर्न रेलवे की विभिन्न रेलखंडों में चलाई जा चुकी है। मालगाड़ियों में लगाकर इसका लगातार परिचालन किया जा रहा है। सबसे पहले मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोको फैक्ट्री लिमिटेड में निर्मित पहले शक्तिशाली विद्युत इंजन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से धनबाद मंडल के बड़वाडीह तक 118 डिब्बों वाली मालगाड़ी का सफलतापूर्वक परिचालन बीते 18 मई को किया गया था।
इंजन निकालने गए थे एसएसई रेलपथ : बुधवार को कारखाना से एसी विद्युत इंजन सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ सुभाष कुमार की मौजूदगी में निकाला गया। उन्होंने ब्लॉक लेते हुए इंजन को निकलवा कर मधेपुरा यार्ड भिजवाया।