कटिहार। महानंदा के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही पानी का फैलाव होने लगा है। बारिश के बाद जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। महानंदा का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। इससे दियारा इलाके में पानी का फैलाव होने के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है। इसके कारण किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है। जबकि जलस्तर में वृद्धि के कारण मैदानी क्षेत्र के किसानों के हलक भी सूखने लगे हैं। दियारा में लगी कद्दू, खीरा, ककड़ी, भिडी, परवल आदि फसलें डूबने लगी है। किसानों ने बताया कि अगर बाढ़ आती है तो धान की फसल लगाने में भी देरी होगी, जबकि लगी फसलें बर्बाद हो जाएगी। बाढ़ की आशंका को लेकर लोग सहमे हुए हैं।
किसान श्याम मंडल, समाजसेवी किशोर कुमार मंडल, शिवदेव झा, मु. सऊद आलम, हरि शंकर मंडल, सैयद इम्तियाज अली, लखन यादव, रमन सिंह, प्रताप सिंह आदि किसानों ने कहा कि हर साल बाढ़ के कारण उन्हें व्यापक नुकसान होता है। इस बार समय से पूर्व बाढ़ की आशंका ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
