आधार बायोमेट्रिक से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार; 2.20 लाख कैश, 58 सिम और 7 ATM कार्ड बरामद
अररिया। अररिया साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य मॉडिफाइड फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैनर की मदद से आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के जरिए लोगों के बैंक खातों से उनकी जानकारी के बिना पैसे निकालते थे।
अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वार्ड नंबर-9 स्थित एक नवनिर्मित भवन के फ्लैट में कुछ युवक अवैध तकनीकी उपकरणों के जरिए साइबर अपराध कर रहे हैं।
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना की विशेष टीम ने फ्लैट में छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद चारों युवक भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी को मौके से पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर साइबर अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनसान और नवनिर्मित भवनों में ठिकाना बनाकर रहते थे और वहां से अवैध डेटा, मॉडिफाइड बायोमेट्रिक डिवाइस तथा अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम देते थे।
चारों आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल कुमार (23), मनीष कुमार (20), शशिकांत शर्मा (20) और नौशेर वान आदिल (26) के रूप में हुई है।
विशाल कुमार बसैठी वार्ड नंबर-10, थाना बौसी निवासी प्रमोद कुमार साह के पुत्र हैं। मनीष कुमार अजवा वार्ड नंबर-1, थाना महलगांव निवासी दिनेश साहनी के पुत्र हैं। शशिकांत शर्मा किशनपुर वार्ड नंबर-6, थाना अररिया निवासी कुंदन शर्मा के पुत्र हैं। वहीं नौशेर वान आदिल खलीलाबाद वार्ड नंबर-25, थाना अररिया निवासी शोएब आलम के पुत्र हैं।
2.20 लाख रुपये समेत बड़ी संख्या में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 लाख 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी नोट 500 रुपये के बताए गए हैं।
इसके अलावा पुलिस ने:
- 4 मॉडिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर
- 1 आईरिस स्कैनर
- 5 मोबाइल फोन
- 58 सक्रिय सिम कार्ड
- 9 खाली सिम कवर
- 7 बैंक ATM कार्ड
- 1 बैंक पासबुक
बरामद की है।
साइबर थाना में मामला दर्ज
मामले में अररिया साइबर थाना कांड संख्या 38/2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, इस्तेमाल किए जा रहे डेटा और ठगी के शिकार लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
छापेमारी टीम में साइबर थाना के एसआई सरोज कुमार, एसआई मनीषा कुमारी तथा गृह रक्षक अनमोल कुमार मंडल और निरंजन कुमार शामिल रहे।
एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि आधार, बैंक खाते, ATM और बायोमेट्रिक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत शिकायत करें।