बताया जाता है कि घूरन पंचायत के निर्मली टोला स्थित उपेंद्र ऋषिदेव के घर में आज भयंकर आग लग गई। आग की लपटें काफी ऊपर उठने लगी। घटना के समय उपेंद्र की दो मासूम बेटियां आंगन में ही खेल रही थीं। उपेंद्र ने बताया कि दोनों की इसमें जलने से मौत हो गई।
मृत दोनो बच्चियों के पिता उपेंद्र ऋषिदेव ने बताया कि वह ट्रैक्टर चालक है। घर पर पत्नी और बच्चे थे। पत्नी भी खाना बनाने के बाद किसी काम से घर से बाहर गई थी। तीन वर्षीया पुत्री लता कुमारी व दो वर्षीया पुत्री शीशम कुमारी घर में ही खेल रही थी। इसी दौरान घर के दरवाजे में अचानक आग लग गई। आग से बचने के के लिए बड़ी बहन छोटी बहन को पकड़ घर में चौकी के नीचे छिप गई। लेकिन आग की लपटें काफी तेज थीं। जब तक लोग दौड़ते तब तक सब कुछ स्वाहा हो गया था।
उन्होंने बताया कि उसके गांव में लोगों का घर काफी दूर-दूर है, जिसके चलते लोग आग बुझाने समय पर नहीं आ सके। आग कैसे लगी, यह पता नहीं चल पाया है। मालूम हो कि घूरन पंचायत का निर्मली टोला तटबंध के अंदर कोसी नदी से पश्चिम स्थित है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। उधर, इस घटना से इलाके में सन्नाटा पसर गया है। लोग ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, गांव वाले सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कर रहे हैं।
नानीघर में लगी आग में नाबालिग जल गया था
ससे पहले सुपौल में ही पिपरा थाना क्षेत्र के केशव नगर में भीषण आगलगी में नानीघर आए 12 साल के नाबालिग की जलकर मौत हो गई थी। आग की चपेट में आकर 12 पालतू जानवरों की भी जल जाने से मौत हो गई। मृतक छात्र धुमगढ़ त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला था। घटना के दिन ही वह अपने ननिहाल आया हुआ था। घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग घर में सो रहा था। ननिहाल के लोग पड़ोस में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इस बीच घर में आग लगने की जानकारी घर वालों को नही लग सकी।
