- 24 घण्टे सक्रिय आरबीएसके के अधिकारी
- टीम द्वारा की जा रही स्क्रीनिंग व आइसोलेशन
- घर-घर जाकर लोगों की जांच में भी दिया जा रहा सहयोग
- आपातकाल कंट्रोल रूम से सामाजिक भ्रांतियों को भी दूर करने का कर रही प्रयास
पूर्णियाँ : 9 मई
हर तरफ फैले कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मी समर्पित रूप से कार्य कर रहे हैं. ऐसे समय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के स्वास्थ्य कर्मी भी अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं. जिला में उनके द्वारा अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व लोगों के घर-घर जाकर स्क्रीनिंग किया जा रहा है. जिले के सभी प्रखंडों में आरबीएसके टीम हर समय तैनात रहती है. प्रखंडों में बने क्वारंटाइन कैम्प में भी टीम द्वारा लोगों को आइसोलेट किया जाता है. पूर्णियाँ जिले के सभी सीमा पर बनाये गए चेक पोस्ट्स विशेष रूप से नेपाल और बंगाल के सिमा क्षेत्र पर भी बाहर से आने वालों की जांच की जाती है जिसमे आरबीएसके टीम सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रही है.
पूरे जिले में बनाई गई है 18 टीम :
आरबीएसके जिला समन्यवक डॉ. आर. पी. सिंह ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम द्वारा जिले में 18 टीम बनाई गई है. इसमें कार्यरत सदस्यों की कुल संख्या 65 है. हर टीम में डॉक्टर, नर्स, एएनएम लगाए गए हैं. टीम में आयुष चिकित्सक भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं. टीम द्वारा क्वारंटाइन कैम्प में, अस्पतालों के आइसोलेशन सेंटर्स में, जिले की हर सीमा में तथा घर-घर में जाकर भी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. अगर गांव जैसे क्षेत्रों में किसी व्यक्ति में संक्रमण की स्थिति पाई जाती है या वह संदिग्ध पाया जाता है तो उसे टीम एम्बुलेंस में क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाता है. टीम के सभी सदस्य पूरी तरह मस्क, ग्लब्स व पीपीई किट के साथ रहती है.
लोगों को कर रही आइसोलेट :
डॉ. आर. पी. सिंह ने बताया कि टीम द्वारा लोगों को आइसोलेट भी किया जा रहा है. सभी 14 प्रखंड के सभी क्वारंटाइन कैम्प्स तथा पूरे जिले के 34 विद्यालयों में बनाये गए आइसोलेशन सेन्टर में आरबीएसके टीम प्रतिदिन जाकर लोगों को आइसोलेट करती है. स्क्रीनिंग में भी आरबीएसके की टीम स्वास्थ्य विभाग को सहयोग देती है. कैम्प्स में लोग कहाँ से आए हैं, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायत नहीं है इन सभी की जानकारी टीम द्वारा ली जाती है. जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी जितने चेक पोस्ट बनाये गए हैं, उन सभी जगहों पर भी टीम द्वारा बाहर से आने वालों की जांच की जा रही है.
हेल्प लाइन नम्बर द्वारा लोगों में दूर कर रही सामाजिक भ्रांतियां :
डॉ. सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा हेल्प लाइन नम्बर जारी किया गया है. उन नम्बर्स पर नियमित तौर से आम लोगों के फोन आते हैं. वो सभी कोरोना संक्रमण के बारे में, जिले में कोरोना की स्थिति, सामाज में फैली भ्रांतियों संबंधी जानकारी से सम्बंधित सवाल करते हैं. यहां भी आरबीएसके टीम उपस्थित है. लोगों को उनके सवालों व सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने में टीम द्वारा प्रशासन की मदद की जा रही है. इसके साथ ही जो लोग जिला से बाहर जाने के पास के लिए आते हैं उनकी टीम द्वारा पहले जांच की जाती है. अगर उन्हें स्वास्थ्य पाया जाता है तभी उन्हें बाहर जाने की इजाजत दी जाती है. आरबीएसके टीम हर समय, हर जगह उपस्थित है और प्रशासन व स्वास्थ्य में हरसंभव मदद कर रही है.
आरबीएसके टीम का मिल रहा बेहतर सहयोग :
जिला सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने कहा कि कोरोना से निपटने में जिला स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का बेहतर सहयोग मिल रहा है. सभी प्रखंडों, विद्यालयों के क्वारंटाइन कैम्प में टीम द्वारा जाकर लोगों को आइसोलेशन व स्क्रीनिंग किया जा रहा है. जिला स्वास्थ्य विभाग की सभी टीम पूरी तरह मिलकर कोरोना को खत्म करने के लिए प्रयासरत है.
