सहरसा। जिले में सरकारी योजनाओं का बुरा हाल है। खासकर सात निश्चय योजना में काम के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। ताजा मामला पस्तपार पंचायत के वार्ड 15 का है। यहां सात निश्चय योजना के तहत बनाया गया नाला सात महीने में ध्वस्त हो गया। यहां अभियंता द्वारा योजना का बिना निरीक्षण किए ही भुगतान का मामला सामने आ रहा है। नाले की गुणवत्ता ऐसी है कि जहां छड़ लगायी जानी थी वहां बांस की बत्ती लगाकर ढलाई कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, उक्त वार्ड में सात लाख ग्यारह हजार रुपये की लागत से नाला निर्माण किया गया। जब निर्माण कार्य हो रहा था उस वक्त भी स्थानीय लोगों ने अभियंता को योजना के गुणवत्ता से खिलवाड़ की जानकारी दी थी। शनिवार को उक्त वार्ड के कुलो मंडल, इन्द्रजीत मंडल, राजू, कंचन,कैलाश, त्रिफुल देवी सहित कई लोगों ने नाला पर लगाए गए ढक्कन के टूटने के बाद उसमें लोहे के छड़ के बदले बांस के पतले बत्ती को देख कर आक्रोश जाहिर किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि वार्ड सदस्य तथा वार्ड सचिव द्वारा कुछ महीनों पहले नाला निर्माण का कार्य करवाया गया है। उसका भुगतान भी किया गया है। लोगों का कहना था कि पूर्व के कनीय अभियंता ई अशोक कुमार को कई बार जानकारी दी गई थी। लेकिन उन्होंने अनियमितता की जानकारी के बाद भी भुगतान करने में मदद की। योजना पर अभी तक सूचना पट भी नहीं लगा है। स्थानीय लोगों ने जिला पदाधिकारी से उक्त योजना के गुणवत्ता की जांच उच्च स्तरीय टीम से कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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क्या कहते हैं वार्ड सदस्या
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वार्ड सदस्य मीना देवी तथा उनके पति सुनक मंडल का कहना था कि लोड ट्रैक्टर निकालने से नाला टूटा है।
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क्या कहते हैं बीडीओ
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बीडीओ दीपक राम कहते हैं कि अगर योजना के गुणवत्ता की अनदेखी की गई है तो इसकी जांच कर दोषी के खिलाफ विधि-संगत कार्रवाई की जाएगी।
