मधेपुरा। मक्का किसानों से लेवी वसूली कर क्षेत्र में बदमाश फल-फूल रहे हैं। वसूली का खेल मक्का तैयार होने के साथ शुरू हो जाता है। रंगदारी वसूली को लेकर कई गिरोह वर्चस्व के लिए एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं। यहां मक्का उपजाने वाले किसानों से प्रति क्विंटल पांच से 25 रुपये तक रंगदारी ली जाती है। आनाकानी करने पर किसानों पर ज्यादती भी की जाती है। यहां तक कि मारपीट व अन्य प्रकार के हथकंडा अपनाया जाता है।
शुक्रवार की रात्रि सुबोध यादव की हुई हत्या भी रंगदारी से जुड़ा हुआ है। वह भी क्षेत्र के किसानों से रंगदारी वसूलता था। कुछ समय पहले बेचन यादव की हत्या में भी वह शामिल था। रंगदारी को लेकर ही दोनों के बीच विवाद हुआ था। मकई की फसल तैयार होने के बाद क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर बंदूकें गरजती रहती हैं।
मालूम हो कि दियारा क्षेत्र के चौसा, पुरौनी, उदाकिशुनगंज व आलमनगर क्षेत्र में काफी संख्या में किसान मक्के की खेती करते हैं। आठ सौ एकड़ से अधिक में मक्के की खेती क्षेत्र में की जाती है। किसानों को तय कर दिया गया है लेवी की राशि दियारा के इलाकों में मक्के किसानों से बदमाश गिरोह के सदस्य लेवी के रूप में एक निश्चित रुपये लेते हैं। लेवी की राशि तय कर दी गई है। किसानों से प्रति क्विंटल उपज के हिसाब से लेवी देनी पड़ती है। दियारा क्षेत्र दुर्गम होने के कारण पुलिस भी कम ही पहुंच पाती है। इसका फायदा बदमाश उठाते हैं। किसान भी भय के कारण कुछ नहीं कर पाते। फलाफ लेवी देने में ही अपनी भलाई समझते हैं।

