मधेपुरा। इसे प्रशासन की कमी कहें या आमजन की लापरवाही। प्रखंड क्षेत्र में लॉकडाउन का कोई असर नहीं दिख रहा है। बाजारों में सामान्य दिनों की भीड़ उमड़ रही है और शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि पहले सरकारी सिस्टम शारीरिक दूरी का अनुपालन न किए जाने पर कार्रवाई की जा रही थी पिछले कई दिनों से उस सिस्टम ने भी बाजार की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई है। सामान्य दिनों की तरह बाजार में लग रहा जाम प्रखंड क्षेत्र में सामान्य दिनों की तरह ही बाजारों में जाम लग रहा है। बाजार में शारीरिक दूरी संबंधी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और रोकने वाला कोई नहीं। हालात यह हैं कि बाजार में न तो कहीं पुलिस नजर आ रही है और न ही सामजिक संगठन व्यवस्थाओं को ढर्रे पर लाते नजर आ रहे हैं। लॉकडाउन के इस दौर में फल-सब्जी की दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पूरी सब्जी मंडी सजा दी है और प्रशासन सुध लेने को तैयार नहीं। प्रखंड के बहुचर्चित गुदरी बाजार में एक बार फिर सब्जी मंडी में तब्दील हो चुका है, जहां प्रतिदिन हजार-डेढ़ हजार लोग पहुंच शारीरिक दूरी संबंधी नियमों को ताक में रख खरीददारी कर रहे हैं।
बैंकों में उड़ रही शारीरिक दूरी की धज्जियां बाजार ही नहीं, बैंकों में भी शारीरिक दूरी नियम की धज्जियां उड़ रही हैं। पुलिस की ओर से बैंकों में तैनात किए गए वॉलंटियर्स हटाने के बाद अब बैंकों में शारीरिक दूरी संबंधी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और कोई देखने वाला नहीं हैं। बैंक प्रबंधन भी बैंक के बाहर लगने वाली कतार में खड़े होने वाले लोगों से शारीरिक दूरी का अनुपालन करने को नहीं कर रहा। अलबत्ता बैंक के भीतर प्रवेश करने से पूर्व ग्राहक की थर्मल स्क्रीनिग नहीं हो रही है।