सहरसा। इस्लामियां मदरसा नंदूरवार से छात्रों का जत्था आने के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में अचानक वृद्धि होने से आमलोगों के बीच खौफ पैदा हो गई है। एक तरफ जिला प्रशासन की ओर से कोरोना के संक्रमण को रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करने में लगे हैं।
इस बाबत जिला प्रशासन ने संक्रमित नगर परिषद क्षेत्र के सहरसा बस्ती के अलावा सोनवर्षा प्रखंड के सहमौरा और सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड के मदनपुर को कंटेंनमेंट जोन घोषित कर बैरिकेडिग कर दिया है।
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बाहरी लोगों के आवागमन रोकने के लिए मुहल्ले में लगा बांस-बल्ला
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शहर में लोग स्वयं अपने मोहल्ले में बाहरी लोगों के आवागमन को रोकने के लिए गली-मोहल्ले की सेल्फ बैरिकेडिग करने लगे हैं ताकि किसी भी बाहरी लोगों को इस गली में आवागमन न हो। सब्जी वाले, फल वाले की आवाज सुनकर बैरिकेडिग के पास जाकर मोहल्ले की महिलाएं और अन्य लोग सुबह-शाम सब्जी और फल खरीदते हैं। गली से बच्चों व युवा वर्ग के लोग बाहर नहीं जाएं। इसलिए सांकेतिक रूप से भी यह व्यवस्था की गई है।
सेल्फ बैरिकेडिग का दिखने लगा है असर
सहरसा नगर के सूबेदारी टोला,सराही, अनुराग गली, कायस्थ टोला राजेन्द्र स्कूल के समीप, बनगांव रोड समेत कई जगहों पर मोहल्ले के लोगों द्वारा की गई सेल्फ बैरिकेडिग की। इसे एक सामाजिक अनुशासन मानकर मोहल्ले के युवा वर्ग के लोग भी बाहर निकलना बंद कर दिया। मुख्य चौक- चौराहे पर जहां पुलिस पदाधिकारियों द्वारा कड़ाई किया जा रहा है। वहीं बढ़ते खतरे को भांप आमलोग भी द्वारा आवागमन कम करने का प्रयास भी सफल होता दिखाई दे रहा है।
