PATNA : पीएम नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आशंका जताई है कि अभी कोरोना मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। इसलिए उन्होंने अधिक से अधिक जांच पर जोर दिया है। साथ ही बाहरी लोगों के बड़ी संख्या में राज्य में आने को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने पीएम से इस माह के अंत तक लॉकडाउन बढ़ाने की सिफारिश की है। अर्थात अब बिहार के लोगों को लॉकडाउन-4 के लिए भी मानसिक तौर पर तैयार रहना चाहिए। 17 मई को लॉकडाउन-3 खत्म हो रहा है, लेकिन उम्मीद नहीं है कि राहत मिलेगी, क्योंकि सीएम नीतीश ने ही माह के अंत तक लॉकडाउन बढ़ाने की सिफारिश की है।
केंद्र, राज्य प्रयास की सराहना
कोरोना वायरस से सुरक्षा एवं बचाव पर आयोजित प्रधानमंत्री की वीडियो कॉफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोंधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने में केंद्र, राज्य सरकार के सामूहिक प्रयास की सराहना की। उन्हांने कहा कि इस संकट की घड़ी में राज्यों ने भी अपनी जिम्मेदारी का बहेतर ढ़ंग से निवर्हन किया है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों, लॉकडाउन के दौरान छूट में किये जा रहे रोजगार सृजन के कार्यों एवं कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
1,900 लोगों की रैंडम जांच में 148 पॉजिटिव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोंधन में सभी लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि आज की इस चर्चा में बहुत सारी बातें सामने आयी हैं। बिहार के संबंध में हम आप सभी को जानकारी देना चाहते हैं कि देश के अन्य हिस्सों से एवं विदेशों से आने वाले लोगों के कारण बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 700 से ज्यादा हो गयी है। अभी भी लोग बाहर से आ रहे हैं। उन्हांने कहा कि 4 से 10 मई के बीच 1 लाख से ज्यादा लोग आए हैं। उनमें 1,900 लोगों की रैंडम जांच करायी गयी है, जिसमें 148 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।
अगले 7 दिनों में 179 ट्रेनें आएंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बाहर दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों, छात्र-छात्राओं और जरूरतमंदों को ट्रेनों से लाने की अनुमति देने के लिये मैं केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। दूर से आने के लिये यही सबसे सहज माध्यम था। इससे लोगों को आने में सहूलियत हुई है। उन्होंने कहा कि 10 मई से 96 ट्रेनें आयी हैं, जिसके माध्यम से 1 लाख 14 हजार लोग राज्य में आये हैं। अगले 7 दिनों में 179 ट्रेनें और आने वाली हैं, जिससे ढ़ाई लाख लोगों के आने की संभावना है।
कोरोना संक्रमितों की संख्या और बढ़ेगी
जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार और प्रवासी मजदूर बिहार आना चाहते हैं। उन सभी के लिये भी और ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाए। साथ ही नजदीक के लोगों को बसों से भी लाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जो प्रवासी मजदूर बिहार आना चाह रहे हैं, उन्हें 7-8 दिनों के अंदर पहुंचाने की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर सं आने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी, इसे ध्यान में रखते हुये बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या और बढ़ेगी।
18 सौ से बढ़ाकर 10 हजार हो प्रतिदिन सैंपलिंग
उन्होंने कहा कि इसके लिये पहले से जितनी टेस्टिंग करायी जा रही थी, उसकी क्षमता और बढ़ा रहे हैं। अभी एक दिन में 1,800 सैंपलिंग की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 10 हजार करना चाह रहे हैं। इसके लिये आरटीपीसीआर मशीन, ऑटोमिटक आरएनए एसटै्रक्संस तथा आरटीपीसीआर मशीन में प्रयोग किये जाने वाले किट उपलब्ध कराने की जो मांग की गयी है, उसकी जल्द से जल्द आपिर्त कराई जाए। राज्य के लिये कम से कम 100 वेंटीलेटर की भी मांग की गयी है। इसकी भी जल्द से जल्द आपूर्ति का अनुरोध सीएम नीतीश ने किया है।
क्वारेंटाइन के बाद ही मजदूर जाएंगे घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अभी तक जितने लोग बाहर से आये हैं, उनके लिए प्रखंड स्तर, पचांयत स्तर पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण ससमय भोजन, आवासन एवं चिकित्सकीय सुविधा के साथ-साथ मच्छरदानी, दरी, बिछावन, कपड़े एवं बर्तन की व्यवस्था की गयी है। क्वारेंटाइन सेंटरों पर लोगों को 14 दिनों तक रहने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाती है।
इस माह के अंत तक बढ़ाएं लॉकडाउन
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र्र लॉकडाउन के संबंध में जो भी निर्णय लेगा उससे हमलोग भी सहमत हैं, लेकिन हमलोगों का सुझाव है कि लॉकडाउन को इस माह के अंत तक बढ़ाया जाए ताकि बिहार में जितने लोग आ रहे हैं, उन्हें संभालने में सहूलियत हो। बाहर से आने वाले लोगों में संदिग्ध संक्रमितों की पहचान हो सके और दूसरे लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि पहले से ही लॉकडाउन के दौरान कुछ कार्यों के लिये छूट दी गयी है और रोजगार सृजन के कार्य भी किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारी केंद्रीय कैबिनेट सचिव के निरंतर संपर्क में हैं और राज्य की परिस्थिति से नियमित रूप से अवगत करा रहे हैं।
